केंद्र सरकार ने यात्री हवाई जहाजों में कीटनाशक छिड़कने या धुआं करने के फायदे और नुकसान पता लगाने के लिए आठ सदस्यों वाली उच्चाधिकार प्राप्त एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है. सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में यह जानकारी दी है. न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की पीठ को केंद्र के वकील ने यह भी जानकारी दी है कि इस समिति के तौर-तरीकों और कामकाज पर इस सप्ताह अधिसूचना जारी की जाएगी.

पीटीआई के मुताबिक शीर्ष अदालत ने इस समिति को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 31 अक्टूबर तक तीन महीने का समय दिया है और जल्द से जल्द अंतरिम उपाय करने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने विमानों में कीटनाशकों के छिड़काव पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की पाबंदी के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये निर्देश जारी किए हैं.

इस दौरान इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो एयरलाइन्स) की ओर से वरिष्ठ वकील सौरभ कृपाल और अन्य ने कहा कि मॉनसून का मौसम है और कुछ अंतरिम उपाय करने की जरूरत है. इस पर पीठ ने कहा कि यह नीतिगत फैसला केंद्र को लेना है लेकिन उच्चाधिकार प्राप्त समिति भी जल्दी से जल्दी कुछ अंतरिम उपाय सुझा सकती है.

इससे पहले शीर्ष अदालत ने दो जुलाई को केंद्र को निर्देश दिया था कि वह एक उच्चाधिकार प्राप्त विशेषाधिकार समिति बनाए जो यह पता लगाएगी कि विमानों में मच्छरों को भगाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव करना या धुआं करना यात्रियों के लिए लाभकारी है या नहीं.