दिल्ली की एक अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक याचिका पर कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है. खबरों के मुताबिक ईडी ने कोर्ट से मनी लॉन्डरिंग के एक मामले में रॉबर्ट वाड्रा को मिली अंतरिम जमानत को रद्द करने की मांग की है. वहीं आज इस याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान रॉबर्ट वाड्रा की तरफ से उनके वकील केटीएस तुलसी अदालत में पेश हुए. साथ ही वाड्रा के देश से बाहर होने की दलील देते हुए अपना जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की. इस पर जस्टिस चंद्रशेखर की अदालत ने उन्हें दो हफ्ते का समय देते हुए मामले पर सुनवाई 26 सितंबर तक के लिए आगे बढ़ा दी.

वैसे यह पहला मौका नहीं था जब ईडी ने वाड्रा की अंतरिम जमानत रद्द कराने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इससे पहले इस मामले को लेकर ईडी ने दिल्ली हाईकोर्ट का भी रुख किया था. तब इस केंद्रीय जांच एजेंसी के वकीलों ने वाड्रा को रसूख वाला व्यक्ति बताया था. साथ ही यह भी कहा था कि जमानत पर बाहर रहने के दौरान वे अपनी पहुंच के दम पर मामले के सबूतों के साथ छेड़छाड़ कराने के साथ गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं. इसके अलावा ईडी ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ करने की मांग भी की थी. हालांकि हाईकोर्ट ने वाड्रा की जमानत बरकरार रखते हुए उन्हें जांच और पूछताछ में सहयोग की हिदायत दी थी.

ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ मनी लॉन्डरिंग के जरिये ब्रिटेन के लंदन में संपत्तियां हासिल करने का आरोप लगाया है. इसके अलावा उनके खिलाफ हरियाणा और राजस्थान में भी कुछ संपत्तियों की खरीद-फरोख्त को लेकर जांच चल रही है. वहीं रॉबर्ट बाड्रा ने इस दौरान विदेश में अपनी कोई संपत्ति होने से इनकार किया है. साथ ही खुद पर लगे आरोपों को उन्होंने राजनीति से प्रेरित भी बताया है.