गृह मंत्री अमित शाह ने देश में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को बाहर करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एक बार फिर जाहिर की है. उन्होंने कहा है, ‘आप सभी ने सदन में राष्ट्रपति का भाषण सुना होगा. उन्होंने भी इस बात का जिक्र किया था. इसके साथ ही केंद्र की सत्ताधारी पार्टी जिस चुनावी घोषणा पत्र के आधार पर चुनकर आई है उसमें भी इस बात का जिक्र है.’ इसके साथ ही अमित शाह ने आगे कहा, ‘देश की इंच-इंच जमीन पर जितने भी अवैध प्रवासी बसे हैं, उनकी पहचान की जाएगी और उन्हें देश से निर्वासित किया जाएगा.’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह काम अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक किया जाएगा.’

केंद्रीय गृह मंत्री ने ये बातें समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जावेद अली खान द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्न का जवाब देते हुए राज्यसभा में कहीं. इससे पहले सपा नेता ने पूछा था कि जैसे असम में राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआसी) लागू किया जा रहा है क्या सरकार उसे देश के अन्य हिस्सों में भी लागू करने की योजना बना रही है?

वहीं एनआरसी से ही जुड़े एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि केंद्र सरकार असम में एनआरसी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसके साथ ही सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि इस प्रक्रिया में भारत का कोई नागरिक न छूटने पाए. साथ ही किसी घुसपैठिये या अवैध प्रवासी को एनआरसी में जगह न मिले. उन्होंने आगे कहा कि सरकार को 25 लाख ऐसे आवेदन मिले हैं जिनमें कुछ भारतीयों को नागरिक नहीं माने जाने संबंधी बात कही गई है. साथ ही कुछ अवैध प्रवासियों को भारत का नागरिक स्वीकार किए जाने की बात भी पता चली है.