कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी सरकार पर संकट बढ़ा, सुप्रीम कोर्ट ने कहा - 15 बागी विधायकों के लिए विश्वासमत परीक्षण में शामिल होना ज़रूरी नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के बागी विधायकों के इस्तीफे पर फैसला सुना दिया है. उसने इन इस्तीफों पर फैसला लेने का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार पर छोड़ दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि वो फैसला लेने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को कोई समयसीमा नहीं दे सकता. साथ ही, कर्नाटक की एचडी कुमारस्वामी सरकार को झटका देते हुए अदालत ने कहा है कि 15 बागी विधायकों को सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए मजबूर न किया जाए.

इस फैसले का मतलब है कि ये विधायक चाहें तो कल प्रस्तावित विश्वासमत परीक्षण से अनुपस्थित रह सकते हैं. इसका दूसरा मतलब ये है कि एचडी कुमारस्वामी सरकार पर मंडरा रहा खतरा बढ़ गया है. अगर ये 15 विधायक विश्वासमत के दौरान सदन में नहीं रहे तो कुमारस्वामी सरकार के लिए बहुमत का आंकड़ा 104 हो जाएगा. लेकिन उनके गठबंधन के विधायकों की संख्या घटकर 101 हो जाएगी. उधर, विपक्षी भाजपा के पास 107 विधायक हैं.

कांग्रेस ने कर्नाटक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बेहद खराब न्यायिक मिसाल बताया

कर्नाटक में अपने बागी विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कांग्रेस ने निराशाजनक बताया है. पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि शीर्ष अदालत के फैसले ने व्हिप को अमान्य करार दे दिया है और उन विधायकों को पूरा संरक्षण दे दिया है जिन्होंने जनादेश के साथ विश्वासघात किया. उनका ये भी कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने बेहद खराब न्यायिक मिसाल पेश की है. उधर, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव पी मुरलीधर राव ने कहा है कि अगले हफ्ते कर्नाटक में भाजपा सरकार बनने की संभावना है. उनके मुताबिक मुख्यमंत्री एच डीकुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-जेडीएस सरकार गुरुवार को विधानसभा में विश्वासमत परीक्षण में असफल रहेगी.

बीएसएनएल और एमटीएनएल के संकट पर अमित शाह की अगुवाई वाले मंत्रिसमूह की बैठक, इन कंपनियों को बचाने की योजना पर चर्चा

संकट से घिरीं सरकारी दूरसंचार कंपनियों बीएसएनएल और एनटीएनएल को बचाने के लिए कोशिशें शुरू हो गई हैं. गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गठित एक मंत्री समूह ने इसे लेकर एक बैठक की. इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कानून और दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद के साथ दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन भी मौजूद थे. बैठक में इन दोनों कंपनियों को बचाने के उपायों पर चर्चा हुई. ये दूसरी बार है जब बीएसएनएल और एनटीएनएल को बचाने के लिए एक मंत्री समूह का गठन किया गया है. काफी समय से घाटे में चल रहीं इन कंपनियों को अब अपने कर्मचारियों को वेतन देने के भी लाले हैं. हाल में खबरें आई थीं कि इन कंपनियों को उबारने के लिए केंद्र सरकार इन्हें 74,000 करोड़ रुपये का बेलआउट पैकेज देने पर विचार कर रही है.

पाकिस्तान में हाफिज़ सईद गिरफ्तार

पाकिस्तान में हाफिज सईद को गिरफ्तार कर लिया गया है. जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत जैसे संगठनों के इस मुखिया की गिरफ्तारी लाहौर में की गई. हाफिज सईद को 2008 में मुंबई पर हुए आतंकी हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है. पाकिस्तान सरकार ने उसे आतंकवाद के लिए फंड इकट्ठा करने के आरोप में गिरफ्तार किया है. हाफिज़ सईद पर आरोप है कि उसने कई गैर-सरकारी संस्थाएं बनाईं जिन्होंने चंदा जमा करके आतंकी संगठनों को मदद दी. हाफिज सईद को अमेरिका ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा है. इतना ही नहीं, अमेरिका ने उसे पकड़वाने वाले के लिए एक करोड़ डॉलर के इनाम का ऐलान भी किया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान जल्द ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने जाने वाले हैं. अमेरिका बीते कुछ समय से पाकिस्तान पर आतंकवाद को लेकर प्रभावी कार्रवाई का दबाव बना रहा है. ऐसे में हाफिज सईद की गिरफ्तारी को इस मुलाक़ात से पहले बनाई जाने वाली भूमिका के रूप में भी देखा जा रहा है.

चार महिला सांसदों पर डोनाल्ड ट्रंप की नस्लीय टिप्पणी के विरोध में अमेरिकी संसद ने निंदा प्रस्ताव पास किया

चार महिला सांसदों पर नस्लीय टिप्पणी के बाद अमेरिका के निचले सदन हाउस ऑफ रेप्रेजेंटेटिव्स ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया है. इसमें कहा गया है कि डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी अमेरिकियों के भय और उनकी नफरत को वैध करार देती है. 187 डेमोक्रेटिक सदस्यों वाले सदन में ये प्रस्ताव 240 वोटों से पास हुआ है. यानी बाकी सदस्यों ने भी इसे समर्थन दिया है. उधर, इस टिप्पणी की चौतरफा आलोचना के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा है कि वे नस्लवादी नहीं हैं. निंदा प्रस्ताव को उन्होंने डेमोक्रेट्स की चाल बताया है. ये विवाद दो दिन पहले तब शुरू हुआ जब डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी की कुछ महिला सांसदों को निशाना बनाया. अपने ट्वीट्स में उनका कहना था कि इन सांसदों को वहीं लौट जाना चाहिए जहां से वे आई हैं

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