विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान की जेल में कैद कुलभूषण जाधव को लेकर दिए अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के फैसले का स्वागत किया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा है, ‘आईसीजे का फैसला सिर्फ भारत के लिए ही नहीं बल्कि उन सभी के लिए प्रामाणिकता का सबूत है जो कानून-व्यवस्था में विश्वास रखते हैं.’ खबरों के मुताबिक एस जयशंकर ने यह बात गुरुवार को राज्यसभा में दिए अपने एक संबोधन में कही.

इस मौके पर उन्होंने कुलभूषण जाधव को कैद में रखे जाने को ‘गैरकानूनी’ भी बताया. साथ ही कहा, ‘हम पाकिस्तान से एक बार फिर जाधव की रिहाई और स्वदेश वापसी का आग्रह करेंगे.’ उन्होंने आगे कहा, ‘जाधव के परिवारवालों ने इन कठिन परिस्थितियों में अतुलनीय साहस दिखाया है. मैं उन्हें विश्वास दिलाता हूं कि सरकार उनकी सुरक्षा और देखरेख सुनिश्चित करने के साथ उन्हें जल्द से जल्द भारत लाने की कोशिश करेगी.’

इससे पहले इसी बुधवार को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत द्वारा जाधव को सुनाई गई फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी. साथ ही पाकिस्तान को इस सजा पर पुनर्विचार करने के लिए भी कहा था. उधर, पाकिस्तान ने जाधव को 2017 में मौत की सजा सु​नाई थी. तब भारत ने उसे विएना संधि का उल्लंघन बताया था. साथ ही इस मामले को लेकर आईसीजे का दरवाजा खटखटाया था.