समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद आजम खां को रामपुर जिला प्रशासन द्वारा ‘भू-माफिया’ घोषित किये जाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि वह किसी के खिलाफ विद्वेष की भावना से कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. विधान परिषद में सपा द्वारा इस मुद्दे को उठाए जाने के बाद सरकार ने यह बात कही है.

पीटीआई के मुताबिक रामपुर के अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जे.पी. गुप्ता ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि उपजिलाधिकारी सदर ने आजम खां का नाम भू-माफिया की श्रेणी में शामिल किया है. उनके खिलाफ जौहर विश्वविद्यालय के लिये जमीन पर जबरन कब्जा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है. जेपी गुप्ता के मुताबिक सपा सांसद के खिलाफ गुरुवार को जमीन पर जबरन कब्जे के आरोप में मुकदमा दर्ज होने के बाद उनका नाम एंटी-भू माफिया पोर्टल पर बनी सूची में भी शामिल कर दिया गया है.

इस मामले पर रामपुर के जिलाधिकारी एके सिंह ने मीडिया से कहा, ‘किसानों का दावा है कि आजम खां ने मुहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के लिये उनकी जमीन जोर जबर्दस्ती करके ले ली है...ऐसा कोई भी व्यक्ति जिसने आपराधिक जोर-जबर्दस्ती से किसी की जमीन पर कब्जा कर लिया हो और उस पर अपना दावा बनाये रखता हो, उसे भू-माफिया की श्रेणी में शामिल किया जाता है.’

उधर, सपा ने शुक्रवार को यह मुद्दा राज्य विधानमण्डल में जोर-शोर से उठाया. पार्टी ने आजम खां को भू-माफिया घोषित किये जाने को उनकी और जौहर विश्वविद्यालय की छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया है. विधान परिषद में सपा नेता और नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने आजम खां पर फर्जी मुकदमें दर्ज कर उन्हें भू-माफिया घोषित किये जाने पर सदन में अपनी आपत्ति दर्ज करते हुये मांग की कि इस प्रकरण की जांच के लिये सदन की एक सर्वदलीय समिति बना दी जाये.

उन्होंने कहा कि आजम खां सपा के वरिष्ठ नेता हैं और वह प्रदेश विधानसभा के सदस्य और सरकार में मंत्री रह चुके हैं. अब वह सांसद हैं. इतने बड़े नेता के साथ सरकार ऐसी हरकत राजनीतिक द्वेषवश कर रही है और उनका उत्पीड़न किया जा रहा है.

इस पर नेता सदन उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने कहा कि सर्वदलीय समिति की अभी कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि सपा अध्यक्ष द्वारा जिस कमेटी का गठन किया गया है, अभी उसने ही जांच नहीं की है. उन्होंने यह भी कहा कि सभी के साथ समान व्यवहार करने की सरकार की नीति रही है, इसलिए यह आरोप गलत है कि सरकार ने यह कार्रवाई विद्वेष की भावना से की है.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खां के खिलाफ रामपुर में दर्ज फर्जी मुकदमों की जांच के लिये विधान परिषद में पार्टी और विपक्ष के नेता अहमद हसन की अगुवाई में 21 सदस्यीय समिति का काफी पहले गठन किया था.