बीते बुधवार को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में हुए हत्याकांड को लेकर प्रदेश सरकार और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के बीच चल रही खींचतान खत्म हो गई है. इसके साथ ही कांग्रेस महासचिव मिर्जापुर से दिल्ली के लिए रवाना भी हो गई हैं. खबरों के मुताबिक शनिवार को इस हत्याकांड के पीड़ितों के कुछ नातेदार खुद मिर्जापुर के चुनार गेस्ट हाउस में कांग्रेस महासचिव से मिलने पहुंचे थे. उनसे मुलाकात करने के बाद प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से भी बातचीत की और कहा, ‘मेरा मकसद पूरा हो गया है. अब देखना है कि प्रशासन क्या करता है.’

इसके साथ ही पीड़ित परिवारों के लिए प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश सरकार से सुरक्षा के साथ-साथ 25-25 लाख रुपये के मुआवजे की मांग भी की. साथ ही कहा, ‘इस हत्याकांड में मरने वालों के परिवारों को कांग्रेस की तरफ से दस लाख रुपये की मदद मुहैया कराई जाएगी.’ कांग्रेस नेता ने यह भी कहा, ‘भविष्य में जब भी मौका मिलेगा तो मैं सोनभद्र जरूर जाऊंगी.’

इससे पहले इसी शुक्रवार को प्रियंका गांधी सोनभद्र जाने के लिए वाराणसी पहुंची थी. तब उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर जाकर घटना के घायलों से भी मुलाकात की थी. इसके बाद वे वहां से सोनभद्र के लिए रवाना हुई थीं. लेकिन राज्य पुलिस ने सोनभद्र में धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए उन्हें मिर्जापुर में रोक लिया था. उसके बाद पुलिस उन्हें वहां के चुनार गेस्ट हाउस ले गई थी. उधर, खुद को सोनभद्र जाने से रोके जाने के विरोध में प्रियंका गांधी गेस्ट हाउस में ही धरने पर बैठ गई थीं. साथ ही पिछले करीब 24 घंटे उन्होंने इसी गेस्ट हाउस में धरने पर गुजारे थे.