पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने मंत्रिमंडल से नवजोत सिंह सिद्धू का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. खबरों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने बाद में यह इस्तीफा राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को भेज दिया था और उन्होंने भी इस पर मंजूरी की मुहर लगा दी है. इससे पहले बीती छह जून को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब कैबिनेट में कुछ फेर-बदल किया था. तब उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू से स्थानीय निकाय विभाग वापस लेते हुए उन्हें बिजली और नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी थी. लेकिन तब उन्होंने अपने नए मंत्रालय की जिम्मेदारी नहीं संभाली थी.

इसके बाद बीती 14 जुलाई को नवजोत सिंह सिद्धू ने सार्वजनिक तौर पर एक ट्वीट के जरिये मंत्री पद से अपने इस्तीफे का ऐलान किया था. उसी ट्वीट में उन्होंने यह भी कहा था, ‘मैंने मंत्री पद छोड़ने को लेकर एक महीने पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चिट्ठी लिख दी थी.’ सिद्धू ने इस ट्वीट से उस चिट्ठी की तस्वीर भी साझा की थी.

वहीं सिद्धू की तरफ से इस्तीफे को लेकर किए गए ट्वीट के अगले दिन कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उस पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी. तब उन्होंने कहा था, ‘अगर नवजोत सिंह सिद्धू अपना काम नहीं करना चाहते तो मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता.’ इसके अलावा उन्होंने उनके इस्तीफा देने के ढंग को भी गलत माना था. साथ ही कहा था कि संगठन में कुछ अनुशासन होना चाहिए.

इधर, नवजोत सिंह सिद्धू फिलहाल दिल्ली में हैं. बताया जाता है कि उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से लौटने के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से वे मुलाकात करेंगे. प्रियंका गांधी सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिलने जाने के लिए इसी शुक्रवार को वाराणसी पहुंची थीं. हालांकि स्थानीय प्रशासन ने उन्हें कल मिर्जापुर में ही रोक लिया था. इसके बाद आज पीड़ित परिवारों के कुछ रिश्तेदारों से उनकी मुलाकात हुई थी जिसके बाद उन्होंने वहां से दिल्ली लौटने का फैसला किया था.