उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोनभद्र में हुए खूनी संघर्ष में मारे गए लोगों के परिजनों से मुलाकात की. उन्होंने मृतकों के परिजनों को 18.5-18.5 लाख रुपये और घायलों के परिवार को ढाई-ढाई लाख रुपये मदद देने की घोषणा की. साथ ही योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को आश्वासन दिया कि दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी. मुख्यमंत्री ने घटनास्थल को भी देखा और घटना के मुख्य गवाह राजाराम से मुलाकात कर मौके पर मौजूद डीजीपी से उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने के कहा. गांव में एक अस्थायी सुरक्षा चौकी खोलने के निर्देश भी दिए गए हैं.

दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री के सोनभद्र देरी से जाने पर तंज करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि जब कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं और न्यायप्रिय लोगों ने साथ दिया तब कम से कम उत्तर प्रदेश सरकार को भी लगा कि कोई गंभीर घटना हुई है. प्रियंका गांधी सोनभद्र के पीड़ितों से मिलने के लिए पहुंचींं थीं तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर चुनार गेस्ट हाउस में रखा था. प्रियंका ने पीड़ितों से मुलाकात किए बिना न लौटने की बात कहते हुए गेस्ट हाउस में ही धरना शुरु कर दिया. बाद में मृतकों के कुछ रिश्तेदारों से उनकी मुलाकात कराई गई थी, उसके बाद ही वे दिल्ली लौटीं थीं.

सोनभद्र में बीते बुधवार को जमीन का एक विवाद खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया था. इसमें तीन महिलाओं सहित 10 लोगों की मौत हो गई थी और 23 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. पुलिस ने इस मामले में अब तक 29 लोगों को गिरफ्तार किया और 17 अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. प्रदेश सरकार ने इस मामले में क्षेत्र के एसडीएम और क्षेत्राधिकारी समेत कई पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है.