दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गईं. दिल्ली के निगम बोध घाट पर उनका पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इससे पहले रविवार दोपहर को उनका पार्थिव शरीर कांग्रेस मुख्यालय लाया गया. पार्टी मुख्यालय पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अहमद पटेल सहित कई शीर्ष नेताओं ने शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि दी. इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शीला दीक्षित के आवास पर पहुंच कर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी. बीते शनिवार को शीला दीक्षित का दिल का दौरा पड़ने की वजह से निधन हो गया था.

सैन्य प्राधिकरण देश के सैनिकों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने में नाकाम

देश के सैनिकों और उनके परिवारों को समय रहते न्याय दिलाने में सैन्य प्राधिकरण नाकाम दिख रहा है. राजस्थान पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2009 में गठित इस प्राधिकरण में लंबित मामलों की संख्या 16,000 से अधिक हो गई है. वहीं, पूरे देश में गठित इसकी 11 में से केवल तीन पीठ ही काम कर रही हैं. इनमें एक मुख्य पीठ दिल्ली है और बाकी दो चंडीगढ़ और जम्मू में हैं. दिल्ली पीठ में अकेले 4,500 से अधिक मामले लंबित हैं. बताया जाता है कि साल 2016 में सुप्रीम कोर्ट के सामने इस मामले को उठाया गया था. इस पर शीर्ष अदालत का फैसला आना बाकी है. प्राधिकरण के लिए किसी न्यायाधीश की आखिरी नियुक्ति दो साल पहले यानी 2017 में हुई थी. हालांकि, अब रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि अगले महीने आठ न्यायिक और गैर-न्यायिक नियुक्तियां हो सकती हैं.

आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के चार आरोपितों को एनआईए ने रिहा किया, कहा- इनके खिलाफ कोई सबूत नहीं

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने चार युवाओं पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हटा लिए हैं. साथ ही, इन्हें रिहा कर दिया गया है. इनमें उत्तर प्रदेश के अमरोहा निवासी मोहम्मद इरशाद और रईस अहमद शामिल हैं. वहीं, अन्य दो दिल्ली के जायद मलिक और मोहम्मद आजम हैं. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक इन्हें दिसंबर, 2018 में अन्य 10 के साथ गिरफ्तार किया गया था. इन सभी पर आरोप था कि ये दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में आतंकी हमले कर इस्लामिक स्टेट की स्थापना करना चाहते हैं. जब इन्हें गिरफ्तार किया गया था तब एजेंसी ने कहा था कि ये लोग मुख्य साजिशकर्ता मोहम्मद सुहैल की मदद कर रहे हैं. हालांकि, अब एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं.

झारखंड : उन्मादी भीड़ ने चार आदिवासी बुजुर्गों की हत्या की

देश में उन्मादी भीड़ की हिंसा पर कोई लगाम लगती नहीं दिखती. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक झारखंड के गुमला जिले में शनिवार देर रात जादू-टोने के संदेह में एक दंपति समेत तीन अलग-अलग आदिवासी परिवारों के चार बुजुर्गों की लाठी डंडे पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. इनमें दो महिलाएं शामिल हैं. बताया जाता है कि इनकी हत्या से पहले एक जन अदालत लगाई गई थी. इसमें इन पर जादू टोने का आरोप लगाया गया था. पुलिस ने मामले की जांच जारी होने की बात कही है. फिलहाल, इस घटना को अंजाम देने वाले फरार हैं.

उत्तर प्रदेश : स्कूली बच्चों में विटामिन डी की कमी को पूरा करने के लिए धूप का सहारा

बच्चों में विटामिन डी की कमी से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अनोखी पहल की है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक अब राज्य के सभी प्राथमिक स्कूलों में प्रार्थना सभा के साथ अन्य सभी शारीरिक गतिविधियां खुले आसमान के नीचे होगी. आदित्यनाथ सरकार ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देशों के बाद इसे लागू करने का फैसला किया है. राज्य के वरिष्ठ शिक्षा शिक्षा निदेशक ने कहा है कि इस बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों में व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे. इससे पहले भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण ने अपने एक अध्ययन में पाया था कि 90 फीसदी स्कूली बच्चों में विटामिन डी की कमी है. सूर्य की रोशनी को विटामिन डी का एक अच्छा स्रोत माना जाता है.

डी राजा भाकपा के महासचिव नियुक्त

राज्यसभा सदस्य डी राजा को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) का महासचिव नियुक्त कर दिया गया है. उन्होंने रविवार को एस सुधाकर रेड्डी की जगह ली. दैनिक जागरण के मुताबिक डी राजा ने देश को पीछे ले जाने वाली ताकतों के खिलाफ पार्टी की लड़ाई जारी रहने की बात कही. उन्होंने कहा, ‘देश नरेंद्र मोदी के फासीवादी शासन में संकटपूर्ण दौर से गुजर रहा है. वामदल भले ही लोकसभा चुनाव हार गए हों और संसद में उनकी ताकत घट गई हो. लेकिन इसका अर्थ ये नहीं है कि देश में हमारा वैचारिक एवं सियासी प्रभाव कम हो गया है.’ भाकपा महासचिव ने आगे कहा कि भाजपा ने सामाजिक और राजनीतिक नहीं बल्कि, चुनावी लड़ाई जीती है. उन्होंने सभी कम्युनिस्ट पार्टियों से एक साथ आने की अपील भी की.