एक बार फिर से चंद्रयान-2 की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. चांद पर जाने वाले इस अंतरिक्ष यान को आज दोपहर पौने तीन बजे के करीब आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा. खबरों के मुताबिक इससे पहले चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग का रिहर्सल सफल रहा और इसका काउंटडाउन रविवार शाम छह बजकर 43 मिनट से शुरू हो गया. रविवार को ही श्रीहरिकोटा पहुंचे इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा कि मिशन कामयाब रहेगा. उनका कहना था, ‘हमें उम्मीद है कि चंद्रयान-2 चंद्रमा पर कई नई चीजों की खोज करने में सफल होगा.’

इससे पहले 18 जुलाई को चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग रोक दी गई थी. लॉन्चिंग सिस्टम में एक तकनीकी दिक्कत के चलते यह फैसला किया गया. तब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक बयान जारी करके चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग की नई तारीख घोषित करने की बात कही थी. इसरो की तरफ से जारी इस बयान में कहा गया कि उल्टी गिनती के 56वें मिनट के दौरान लॉन्च व्हीकल सिस्टम में एक तकनीकी दिक्कत का पता चला जिसके बाद सतर्कता बरतते हुए अभियान रोक दिया गया.

चंद्रयान-2 क्या है

3.8 टन का चंद्रयान-2 एक अंतरिक्ष यान है. इसे ले जाने वाले रॉकेट को ‘बाहुबली’ उपनाम दिया गया है. इसके तीन मॉड्यूल्स (सबसे अहम हिस्से) हैं - लैंडर, ऑर्बिटर और रोवर. इसके लैंडर का नाम है- विक्रम और रोवर का नाम है- प्रज्ञान. इस अभियान के तहत लैंडर रोवर को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारेगा और इसके जरिए जरूरी अध्ययन किए जाएंगे. वहीं लैंडर और ऑर्बिटर के माध्यम से इसरो रोवर के साथ संपर्क में रहेगा.

चंद्रयान-2 दस साल के भीतर भारत का चंद्रमा पर भेजा जाने वाला दूसरा अभियान है. इससे पहले भारत ने अक्टूबर 2008 में चंद्रयान-1 चंद्रमा की कक्षा में भेजा था. चंद्रयान-2 की सफलता के साथ ही भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद धरती के इस उपग्रह पर अंतरिक्ष यान उतारने वाला चौथा देश बन जाएगा.