भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सोमवार को भोपाल से सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर की उनकी उस टिप्पणी के लिए फटकार लगाई, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह शौचालय साफ करने के लिये सांसद नहीं बनी हैं. इस बयान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत’ अभियान के उपहास के तौर पर देखा जा रहा है.

भाजपा सूत्रों ने बताया कि प्रज्ञा सिंह ठाकुर को भाजपा मुख्यालय तलब किया गया था. जहां पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें बताया कि पार्टी नेतृत्व मध्य प्रदेश के सीहोर में रविवार को उनके द्वारा दिये गए बयान से नाखुश है. सूत्रों के मुताबिक, प्रज्ञा ठाकुर की खिंचाई करते हुए उनसे भाजपा के कार्यक्रमों और विचारों के खिलाफ बयान देने से बचने को कहा गया है. पार्टी कार्यालय से निकलते वक्त भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर से वहां मौजूद पत्रकारों ने बात करने की कोशिश की,लेकिन वे मीडिया से बचकर निकल गईं.

मध्य प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए 2008 मालेगांव बम धमाका मामले की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा था, ‘ध्यान में रखिये...हम यहां नालियों की सफाई के लिये नहीं हैं. हम यहां आपके शौचालय साफ करने के लिये नहीं हैं. हमें जो काम करना है और जिसके लिये हमें निर्वाचित किया गया है, हम उसे ईमानदारी से करेंगे. यह हमनें पूर्व में भी कहा है, आज भी कह रहे हैं और भविष्य में भी इस पर टिके रहेंगे.’ प्रज्ञा ठाकुर ने अपना पहला लोकसभा चुनाव भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को हराकर जीता था.

यह पहली बार नहीं है जब प्रज्ञा ठाकुर के बयानों से भाजपा के लिये मुश्किलें खड़ी हुई हैं.लोकसभा चुनावों के बीच प्रचार के दौरान उन्होंने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को एक देशभक्त करार दिया था. टिप्पणी पर हंगामा मचने के बाद उन्हें माफी मांगनी पड़ी थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कहना पड़ा था कि वह माफी मांगने के बावजूद प्रज्ञा को कभी माफ नहीं कर पाएंगे. उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था.