चंद्रयान-2 के सफल लॉन्च के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख के सिवन ने पत्रकारों के साथ बातचीत की है. इस मौके पर उन्होंने कहा, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि चंद्रयान-2 सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा में स्थापित कर दिया गया है.’ इस मौके पर इस मिशन को उन्होंने चांद की ओर भारत की ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत भी बताया और कहा कि भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया इस मिशन की लॉन्चिंग का इंतजार कर रही थी. इसके आगे इसरो प्रमुख का कहना था, ‘अब 48 दिन बाद चंद्रयान-2 चंद्रमा की सतह पर उतरेगा तो वह वक्त भी हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा. इस सबके बीच इस यान को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक ले जाने के लिए हमें अभी काफी मेहनत करनी है.’

इस मौके पर इसरो प्रमुख बेहद भावुक भी दिखे. उन्होंने कहा, ‘हमने जैसा सोचा था यह लॉन्च कहीं बेहतर तरीके से हुआ. इससे पहले तकनीकी गड़बड़ी की वजह से बीती 15 जुलाई को इसकी लांचिंग टाल दी गई थी. फिर लांच के लिए 22 जुलाई यानी आज का दिन तय किया गया था. इस दौरान इसरो के इंजीनियरों और टेक्निकल स्टाफ ने अपने परिवारों को भुलाकर, रात-दिन एक करते हुए उस तकनीकी खामी को दूर किया. मैं इस काम के लिए इन लोगों को सलाम करता हूं.’

इससे पहले सोमवार को ही इसरो ने चंद्रयान- 2 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया था. इस सफल लॉन्च पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू सहित अन्य नेताओं ने इसरो को बधाई दी है.

इस दौरान प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो की इस सफलता को लेकर सिलसिलेवार ट्वीट किए हैं. एक ट्वीट के जरिये उन्होंने इस लॉन्च को भारत के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया. साथ ही कहा, ‘चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण से आज पूरा देश गौरवान्वित है.’ इसी ट्वीट से उन्होंने यह भी कहा, ‘मैंने थोड़ी देर पहले ही इसके लॉन्च में निरंतर तन-मन से जुटे रहे वैज्ञानिकों से बात की ओर उन्हें पूरे देश की ओर से बधाई दी.’

एक अन्य ट्वीट के जरिये प्रधानमंत्री ने कहा, ‘चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग ने दुनियाभर को हमारे वैज्ञानिकों की कुशलता से परिचित करवाया है. इस मिशन से चंद्रमा और उसकी सतह के बारे में नई जानकारियां प्राप्त होंगी.’ इसके साथ ही नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा है कि चंद्रयान-2 जैसे देश के प्रयासों से युवाओं में भी विज्ञान और अनुसंधान के साथ नए प्रयोगों को लेकर आकर्षण में इजाफा होगा.

इस दौरान कांग्रेस ने इसरो के वैज्ञानिकों के साथ इस परियोजना की सफलता का श्रेय पंडित नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह को दिया है. एक ट्वीट के जरिये कांग्रेस ने कहा है, ‘देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की दूरदर्शिता को याद करने का यह उपयुक्त समय है. उन्होंने ही 1962 में इंडियन नेशनल कमेटी फॉर स्पेस रिसर्च की बुनियाद रखी थी जो आगे चलकर इसरो बना. साथ ही साल 2008 में डॉक्टर मनमोहन सिंह ने चंद्रयान- 2 परियोजना को मंजूरी दी थी.’