‘चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण से आज पूरा देश गौरवान्वित है.’  

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात एक ट्वीट के जरिये कही. इसके साथ ही उन्होंने इसे ‘130 करोड़ भारतीयों’ के दृढ़ निश्चय का प्रदर्शन बताया और कहा, ‘चंद्रयान-2 की सफल लॉन्चिंग ने दुनिया भर को हमारे वैज्ञानिकों की कुशलता से परिचित करवाया है.’ नरेंद्र मोदी का यह भी कहना था, ‘चंद्रयान-2 जैसे प्रयासों से देश के युवाओं में भी विज्ञान और अनुसंधान के साथ नए प्रयोगों को लेकर आकर्षण में इजाफा होगा.’

‘इसरो और भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को चंद्रयान-2 की सफलता का इंतजार था.’

— के सिवन, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के प्रमुख

के सिवन ने यह बात चंद्रयान-2 के सफल लॉन्च के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने इस मिशन को चंद्रमा की तरफ भारत की ऐतिहासिक यात्रा की शुरुआत बताया. साथ ही कहा, ‘हमने जैसा सोचा था चंद्रयान-2 का लॉन्च उससे भी बेहतर तरीके से हुआ.’ इसके साथ ही के सिवन का यह भी कहना था, ‘इस यान को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक ले जाने के लिए हमें अभी काफी मेहनत करनी है. अब 48 दिन बात जब यह यान चंद्रमा की सतह पर उतरेगा तो वह वक्त भी हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा.’


‘आरटीआई संशोधन विधेयक इस कानून को खत्म करने की दिशा में बढ़ाया गया कदम है.’

— शशि थरूर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

शशि थरूर ने यह बात लोकसभा में सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) संशोधन विधेयक- 2019 पर अपना विरोध जताते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘इसमें दिए प्रस्तावों के पारित होने से केंद्र सरकार को सूचना अधिकारियों की नियुक्ति और उन्हें हटाने का एकाधिकार मिल जाएगा. इससे सूचना आयोग की स्वतंत्रता और स्वायत्तता प्रभावित होगी.’ इसके साथ ही सवालिया लहजे में शशि थरूर ने यह भी कहा, ‘सार्वजनिक स्तर पर सलाह-मशविरा किए बगैर ही सरकार इस कानून में संशोधन क्यों करना चाहती है. उसे इस संशोधन को लेकर इतनी जल्दबाजी क्यों है.’


‘उमर अब्दुल्ला नौसिखिया नेता हैं.’  

— सत्यपाल मलिक, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल

सत्यपाल मलिक ने यह बात एक बातचीत के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के नेता उमर अब्दुल्ला के एक ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘उमर अब्दुल्ला ऐसे नेता हैं जो हर बात पर ट्वीट करते रहते हैं. उनके ट्वीट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं देखेंगे तो आप खुद ही समझ जाएंगे.’ इससे पहले इसी रविवार को सत्यपाल मलिक ने एक कार्यक्रम के दौरान आतंकवादियों से बेगुनाहों के बजाय भ्रष्टाचारियों को निशाना बनाने के लिए कहा था. उनके उसी बयान पर उमर अब्दुल्ला ने तल्ख टिप्पणी करते हुए इसे गैरकानूनी हत्याओं को मंजूरी देने वाला बताया था.


‘मुझे विदेशी कहा जाता है, लेकिन मुझे लगता है कि मैं इसी मिट्टी की बेटी हूं.’  

— तसलीमा नसरीन, बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका

तसलीमा नसरीन ने यह बात एक इंटरव्यू के दौरान भारत सरकार की तरफ से एक साल के लिए उनका निवास परमिट बढ़ाए जाने को लेकर कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘भारत ही मेरा घर है. यह बेहतर होता कि हर साल मुझे यहां रहने की चिंता न करनी पड़ती क्योंकि इसका असर मेरे लेखन पर पड़ता है.’ इसके साथ ही तसलीमा नसरीन का यह भी कहना था, ‘मैं उम्मीद करती हूं कि सरकार मुझे स्थायी नागरिकता या फिर लंबी अवधि का निवास परमिट देने पर विचार करेगी.’