विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कश्मीर को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया है और पाकिस्तान के साथ सभी लंबित मुद्दों का समाधान द्विपक्षीय तरीके से ही किया जाएगा. सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ बातचीत के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने यह कह कर भारत को चौंका दिया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान में हालिया जी-20 सम्मेलन के दौरान कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए उनकी मदद मांगी थी.

राज्यसभा में एक बयान में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, ‘हम सदन को पूरी तरह आश्वस्त करना चाहेंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया है.’ एस जयशंकर का यह भी कहना था, ‘पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत सीमा पार से जारी आतंकवाद बंद होने के बाद, लाहौर घोषणापत्र और शिमला समझौते के अंतर्गत ही होगी.’

विदेश मंत्री के इस बयान के बाद कांग्रेस सहित कई विपक्षी सदस्यों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की. हालांक सभापति एम वेंकैया नायडू ने शून्यकाल की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया. लेकिन विपक्षी सदस्य प्रधानमंत्री से स्प्ष्टीकरण की मांग पर अड़े रहे और सदन में शोर-शराबे का माहौल हो गया. बढ़ते हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही पहले बारह और अब दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.