पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि अगर भारत अपने परमाणु हथियार छोड़ने के लिए तैयार हो तो पाकिस्तान भी ऐसा ही करेगा. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध कोई विकल्प नहीं है. भारत-पाकिस्तान के बीच ऐसा युद्ध खुद से खुद को बर्बाद करने जैसा होगा क्योंकि दोनों देशों की ढाई हजार मील की लंबी सीमा आपस में लगती है. इमरान खान ने ये बातें फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहीं.

इस मौके पर उन्होंने ऐसे युद्ध को सिर्फ भारत और पाकिस्तान ही नहीं बल्कि पूरे उपमहाद्वीप के लिए भी खतरनाक बताया. इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘बीती फरवरी में दोनों देशों के बीच जो कुछ हुआ उसके बाद से सीमा पर तनाव है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘बीते 70 सालों में भारत-पाकिस्तान सभ्य पड़ोसियों की तरह नहीं रह पाए हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह कश्मीर है. इसीलिए मैंने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहा कि वे इस मसले के हल के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं.’

इससे पहले इसी सोमवार को इमरान खान ने डोनाल्ड ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाकात की थी. उस वक्त उन्होंने कश्मीर का मुद्दा उठाया था. तब ट्रंप ने कहा था कि बीते दिनों जापान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात हुई थी तो उस वक्त नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें इस मामले पर मध्यस्थता करने को कहा था. हालांकि सरकार की तरफ से इस पर सफाई देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने ट्रंप से कश्मीर मामले पर कभी मध्यस्थता करने का अनुरोध नहीं किया.

इसी इंटरव्यू के दौरान इमरान खान से पूछा गया कि अमेरिका में इस बात की आशंका जताई जाती है कि कहीं पाकिस्तान के परमाणु हथियार आतंकवादियों के हाथ न लग जाएं, तो इस पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इसे लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है क्योंकि पाकिस्तान की सेना पेशेवर सेनाओं में से एक है. साथ ही ऐसे हथियारों को बेहद मजबूत सुरक्षा प्रणाली के तहत रखा गया है.’