बोरिस जॉनसन ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री होने जा रहे हैं. मंगलवार को उन्होंने जेरेमी हंट को हराकर सत्ताधारी कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पद की दौड़ जीत ली. बोरिस जॉनसन इससे पहले ब्रिटेन के विदेश मंत्री और लंदन के मेयर भी रह चुके हैं. पूर्व प्रधानमंत्री थेरेसा मे की ही तरह वे भी ब्रेक्जिट के समर्थक हैं. फिलहाल, दुनियाभर में सुर्खियां बटोरने के साथ-साथ वे सोशल मीडिया पर भी हैशटैग ‘नेक्स्ट प्राइम मिनिस्टर’ के साथ ट्रेंडिंग टॉपिक बन चुके हैं.

इस बीच भारत में उनके भारतीय कनेक्शन की चर्चाएं भी जोरों पर हैं. दरअसल बोरिस जॉनसन की दूसरी पत्नी मरीना व्हीलर हाफ इंडियन (सिख) हैं. हालांकि सितंबर 2018 में इनका तलाक हो गया लेकिन ऐसा माना जाता है कि मरीना के सिख होने के कारण जॉनसन को वहां रहने वाले सिख समुदाय का समर्थन भी मिलता रहा है. लेकिन जॉनसन का भारतीय कनेक्शन समझने के लिए इतनी जानकारी काफी नहीं होगी इसलिए जरा विस्तार से बात करते हैं. दरअसल, मरीना व्हीलर की सिख मां दीपकौर की पहली शादी दलजीत सिंह से हुई थी. दलजीत सिंह मशहूर लेखक खुशवंत सिंह के भाई थे. दलजीत से तलाक के बाद दीपकौर ने मशहूर बीबीसी पत्रकार चार्ल्स व्हीलर से शादी कर ली और दीप व्हीलर हो गईं.

खुशवंत सिंह के बेटे और पत्रकार राहुल सिंह एक अखबार से बातचीत में बताते हैं कि दीप व्हीलर की बहन अमरजीत कौर की शादी दलजीत सिंह के बड़े भाई भगवंत सिंह से हुई थी. यही वजह रही कि दलजीत से तलाक के बाद भी दीप व्हीलर और उनके बच्चे लगातार सिंह परिवार के संपर्क में रहे. राहुल सिंह का कहना यह भी है कि उनकी बेटी मरीना व्हीलर के साथ बोरिस जॉनसन कई बार भारत आए हैं और सिंह परिवार के आयोजनों में शामिल होते रहे हैं.

ऐसा ही कुछ बेंगलुरु के एक पत्रकार निधीश एमके भी अपने ट्वीट के जरिए कहते हैं. निधीश अपने ट्वीट में बताते हैं कि साल 2003 में बोरिस जॉनसन एक शादी में शामिल होने केरल आए थे. यह शादी खुशवंत सिंह के बड़े भाई के पोते और राजीव गांधी-नरसिम्हा राव की सरकार में मंत्री कृष्णकुमार की बेटी की थी. इस शादी में दिलचस्प मोड़ तब आया जब शादी की शान बनने आया एक हाथी बेकाबू हो गया और उसने तकरीबन 20 लोगों को घायल कर दिया. तब इस घटना के चलते कृष्णकुमार अखबारों और टीवी पर सुर्खियों का हिस्सा भी बने थे.

खुशवंत सिंह ने भी इस वाकये के बारे में लिखा है, ‘हाथी क्यों नाराज हुआ इसके अलग-अलग कारण बताए जाते हैं. इनमें से एक यह भी था कि गोपालन (हाथी) गोरे लोगों को बिलकुल पसंद नहीं करता था. जब एक अंग्रेज महिला ने उसके बहुत करीब जाकर उसकी तस्वीर खींचनी चाही तो गोपालन ने उसे सूंड़ से उठाकर पटक दिया और अपनी नापसंदगी जाहिर की.’ वे यह भी लिखते हैं कि कृष्णकुमार का इस वाकये पर कहना था कि अगर आप हाथी के हमले में बच सकते हैं तो आप किसी भी आपदा के लिए तैयार हैं. हालांकि निधीश द्वारा बताए गए इस किस्से या खुशवंत सिंह की टिप्पणियों में कही पर भी बोरिस जॉनसन का जिक्र नहीं है लेकिन उस समय शादी में शामिल रहे मेहमानों में से एक वे भी थे.