अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने अमेरिका से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘अफगान युद्ध को दस दिन में खत्म...’ करने वाले बयान पर स्पष्टीकरण मांगा है. खबरों के मुताबिक अशरफ गनी की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘अफगानिस्तान में शांति स्थापना के लिए अफगान सरकार अमेरिकी प्रयासों का समर्थन करती है. लेकिन अफगान नेतृत्व के बगैर अफगानिस्तान किसी विदेशी ताकत को अपना भविष्य लिखने की इजाजत नहीं देगा.’

इससे पहले इसी सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों के साथ बातचीत की थी. उस मौके पर उन्होंने कहा था, ‘अगर हम चाहें तो ताकत का इस्तेमाल करके अफगानिस्तान युद्ध एक हफ्ते के भीतर जीत सकते हैं. लेकिन मैं ऐसा करके एक करोड़ लोगों को मारना नहीं चाहता.’ इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति का यह भी कहना था, ‘अगर हमने युद्ध किया तो अफगानिस्तान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा और इसीलिए मैं बातचीत को तरजीह देता हूं.’

इधर, इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ‘कश्मीर’ को लेकर भी एक विवादित बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि बीते दिनों जी-20 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात हुई थी. तब नरेंद्र मोदी ने उन्हें कश्मीर मसले पर मध्यस्थता करने के लिए कहा था.

उनके इस बयान पर मंगलवार को अमेरिका का विदेश मंत्रालय ‘डैमेज कंट्रोल’ की मुद्रा में दिखाई दिया. वहीं भारत में भी विपक्षी दलों ने सरकार से ट्रंप के उस बयान पर स्पष्टीकरण मांगा. इस पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में कहा है कि नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप से कश्मीर पर कभी मध्यस्थता की कोई मांग नहीं की.