कर्नाटक में एचडी कुमारस्वामी सरकार के गिरने के बाद कांग्रेस और जेडीएस के 15 बागी विधायकों का भविष्य अधर में लटका हुआ है. कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार को अब भी उनके इस्तीफों या उन्हें अयोग्य घोषित किए जाने को लेकर फैसला करना है. कांग्रेस ने मांग की थी कि इन विधायकों को दलबदल कानून के तहत अयोग्य ठहराया जाए. विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें सोमवार को अपने सामने पेश होने के लिए कहा था. लेकिन इन विधायकों ने चार सप्ताह का समय मांगा है.

हुनसुर से जेडीएस के विधायक एएच विश्वनाथ ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘हां, हमने विधानसभाध्यक्ष से चार सप्ताह का समय मांगा है. हमने विधानसभाध्यक्ष से अपने अधिवक्ता के माध्यम से संपर्क किया है.’ बागी विधायकों ने अपने पत्र में कहा है कि पार्टी की ओर से संविधान की अनुसूची 10 के तहत दायर अर्जी में उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग की गई है लेकिन, उन्हें इस अर्जी की प्रति या उससे संबंधित दस्तावेज नहीं मिले हैं. विधायकों ने उन्हें चार सप्ताह का समय देने का अनुरोध किया है. इन बागी विधायकों में से 13 मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए हैं.

इन विधायकों में से कइयों ने बीएस येद्दियुरप्पा की अगुवाई में बनने वाली नई भाजपा सरकार में मंत्री बनने की आस लगाई हुई है. लेकिन अगर ये अयोग्य घोषित हो जाते हैं तो फिर तभी मंत्री बन सकते हैं जब दोबारा से विधायिकी का चुनाव जीत जाएं. यानी इस्तीफे मंजूर होने की हालत में तो वे मंत्री बन सकते हैं, लेकिन दूसरी स्थिति में इसकी गारंटी नहीं है.