कर्नाटक के बाद अब मध्य प्रदेश में भी सियासी पारा चढ़ता दिख रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अगर राज्य की कांग्रेस सरकार गिरती है तो इसके लिए उनकी पार्टी जिम्मेदार नहीं होगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर असंतोष है जिसके चलते मध्य प्रदेश में भी कर्नाटक जैसा संकट पैदा हो सकता है. कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के 15 विधायकों के बागी होने के चलते सरकार गिर चुकी है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस की सरकारें गिरने के लिए खुद उसके नेता ही जिम्मेदार हैं.

उधर, शिवराज सिंह चौहान के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है. कमलनाथ सरकार में मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा उनकी सरकार के लिए समस्याएं पैदा करने के लिए सब कुछ कर रही है, लेकिन यह कमलनाथ की सरकार है कुमारस्वामी की नहीं. इससे पहले सोमवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मीडिया प्रमुख शोभा ओझा ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस सरकार को गिराने के लिए भाजपा ने विधायकों 50 करोड़ रुपये तक के प्रस्ताव भी दिए हैं. कांग्रेस का कहना है कि भाजपा विधानसभा चुनाव में हार के सदमे से अब तक उबर नहीं पाई है. पार्टी के मुताबिक भाजपा को राज्य की मजबूत सरकार को गिराने की धमकियां देने के बजाय सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए.