अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से कश्मीर पर ‘मध्यस्थता’ की पेशकश को लेकर दिए गए बयान का मुद्दा बुधवार को भी संसद में गूंजा. इसके साथ ही कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने भी प्रधानमंत्री से इस पर स्पष्टीकरण की मांग की. वहीं इस मसले पर सरकार का पक्ष रखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘कश्मीर पर मध्यस्थता स्वीकार करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता.’ उन्होंने आगे कहा, ‘भारत के आत्मसम्मान के साथ हम कभी कोई समझौता नहीं कर सकते.’

इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने यह भी कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच जी-20 सम्मेलन के दौरान जापान के ओसाका में मुलाकात हुई थी. लेकिन उस वक्त दोनों नेताओं के बीच कश्मीर को लेकर कोई बातचीत नहीं हुई.’

वहीं इससे पहले इसी मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मुद्दे पर राज्यसभा में सरकार की तरफ से स्पष्टीकरण दिया था. उस वक्त भी उन्होंने दोनों नेताओं के बीच कश्मीर को लेकर कोई बातचीत न होने और मध्यस्थता की पेशकश के अनुरोध से इनकार किया था. एस जयशंकर का यह भी कहना था, ‘पाकिस्तान के साथ कोई भी बातचीत सीमा पार से जारी आतंकवाद बंद होने के बाद ही शुरू होगी. साथ ही यह लाहौर घोषणापत्र और शिमला समझौते के अंतर्गत ही की जाएगी.’

इससे पहले इसी सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ व्हाइट हाउस में मुलाकात हुई थी. तब उन्होंने यह कहते हुए भारत को चौंका दिया था कि हालिया जी-20 सम्मेलन के दौरान कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए मोदी ने उनकी मदद मांगी थी.