अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से कश्मीर पर ‘मध्यस्थता’ की पेशकश को लेकर दिए गए बयान का मुद्दा बुधवार को भी संसद में गूंजा. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पर स्पष्टीकरण की मांग की. वहीं, सरकार का पक्ष रखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कश्मीर पर मध्यस्थता स्वीकार करने से इनकार किया. उन्होंने कहा, ‘भारत के आत्मसम्मान के साथ हम कभी कोई समझौता नहीं कर सकते.’ इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इससे पहले बीते सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ बैठक में कहा था कि जी-20 सम्मेलन के दौरान कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए नरेंद्र मोदी ने उनकी मदद मांगी थी.

इसके अलावा गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम संशोधन विधेयक (यूएपीए) लोकसभा में पारित होने की खबर भी कई अखबारों ने प्रमुखता से छापी है. गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि इस कानून की मदद से एजेंसियां हमेशा आतंकियों से दो कदम आगे रहेंगी.

आयुष्मान भारत योजना में घोटाला, 993 केंद्रों के खिलाफ प्राथमिकी

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना धोखाधड़ी और घोटाले की चपेट में आती हुई दिख रही है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक इस योजना के तहत फर्जी कार्ड बनाने वाले 993 केंद्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. इनमें उत्तर प्रदेश के आगरा के 900 और पीलीभीत के तीन केंद्र हैं. वहीं, 250 से अधिक अस्पतालों को योजना के पैनल से बाहर कर दिया गया है. अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि नेशनल हेल्थ अथॉरिटी की एंटी फ्रॉड यूनिट ने इन मामलों का पता लगाया है. बताया जाता है कि इस यूनिट के सामने ऐसे कई मामले आए हैं जिनमें पुरुषों के गर्भाशय निकालने के ऑपरेशन किए गए हैं. वहीं, कई महंगी सर्जरियां केवल कागजों पर किए गए हैं. आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को हर साल पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा दिया जाता है.

जियो की शिकायत पर एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया पर 3,050 करोड़ रु का जुर्माना

रिलायंस जियो को ग्राहकों तक अपनी सेवाएं पहुंचाने के लिए इंटर कनेक्टिविटी नहीं देने पर तीन दूरसंचार कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया गया है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की सिफारिश पर डिजिटल दूरसंचार आयोग (डीसीसी) ने इस कार्रवाई को मंजूरी दी. इस बारे में दूरसंचार सचिव ने बताया कि अक्टूबर, 2016 में ट्राई ने रिलायंस जियो को इंटर-कनेक्टिविटी देने से मना करने पर एयरटेल और वोडाफोन पर 1,050-1,050 करोड़ रुपये के अलावा आइडिया पर 950 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की थी. हालांकि, अब वोडाफोन और आइडिया का विलय होने पर नई कंपनी को कुल 2,000 रुपये चुकाने होंगे. एयरटेल ने इस फैसले पर निराशा जाहिर की है. कंपनी का कहना है कि इससे संकट से गुजर रहे दूरसंचार क्षेत्र के सामने मुश्किलें बढ़ जाएंगी.

अगले पांच वर्षों में नए फार्मेसी कॉलेजों को मंजूरी नहीं

फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने अगले पांच वर्षों में नए फार्मेसी कॉलेजों को मंजूरी नहीं देने का फैसला किया है. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में इस तरह के कॉलेजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने के चलते यह फैसला किया गया है. हालांकि, परिषद ने उत्तर-पूर्व के राज्यों को इस फैसले के दायरे से बाहर रखा है. फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस संबंध में राज्यों को पत्र लिखा है. इसमें कहा गया है कि देश में डी फार्मा के 1985 और बी फार्मा के 1439 संस्थान हैं जिननमें कुल 2.19 लाख सीटें हैं और यह संख्या जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है. काउंसिल का आगे कहना है कि कॉलेजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी के चलते इनमें अच्छे शिक्षकों की कमी हो सकती है और शिक्षा की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है.

आंध्र प्रदेश : निजी क्षेत्र में स्थानीय लोगों को 75 फीसदी नौकरियां

आंध्र प्रदेश में निजी क्षेत्र में 75 फीसदी नौकरियां स्थानीय लोगों को देने का रास्ता साफ हो गया है. दैनिक जागरण के मुताबिक इससे संबंधित कानून ‘आंध्र प्रदेश एंप्लॉयमेंट ऑफ लोकल कैंडिटेट्स इन इंडस्ट्रीज एंड फैक्ट्रीज एक्ट- 2019’ को विधानसभा ने बुधवार को मंजूरी दे दी. राज्य के श्रम मंत्री गुमानुर जयराम ने बताया, ‘नए प्रस्तावित कानून के मुताबिक प्रदेश में सभी प्रकार की औद्योगिक इकाइयों, फैक्ट्रियों और संयुक्त उद्यमों सहित पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप में चल रही सभी परियोजनाओं में 75 फीसदी नौकरियां स्थानीय लोगों को देनी होंगी. यह काम तीन साल में पूरा करना होगा.’ उन्होंने आगे कहा, ‘यदि कंपनियों को उनकी आवश्यकता के मुताबिक स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित युवा नहीं मिलते हैं तो वे सरकार के साथ मिलकर ऐसे लोगों को तीन साल में प्रशिक्षण देकर नौकरी के लायक बनाएंगी.’

प्रज्ञा सिंह ठाकुर को झाडू लगाकर स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने का आदेश

मध्य प्रदेश के भोपाल से लोकसभा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर अब झाडू लगाकर स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाएंगी. राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक केंद्रीय संगठन ने उनसे कहा है कि अपने संसदीय क्षेत्र में लोगों को यह संदेश दें कि वे इस अभियान के खिलाफ नहीं हैं. बताया जाता है कि 30 या 31 जुलाई को भोपाल के दो इलाकों में वे झाडू लगाती हुई दिखेंगी. इससे पहले उन्होंने बीती 21 जुलाई को कहा था कि वे नाली और शौचालय की सफाई करने के लिए प्रधानमंत्री नहीं बनी हैं. प्रज्ञा सिंह ठाकुर का आगे कहना था कि वे जिस काम के लिए सांसद बनी हैं, उसे ईमानदारी से कर रही हैं.