वित्त से ऊर्जा मंत्रालय में स्थानांतरित किए जाने के एक ही दिन बाद वरिष्ठ नौकरशाह सुभाष चंद्र गर्ग ने स्वैच्छिक सेनानिवृत्ति के लिए आवेदन किया है. सूत्रों के हवाले से एनडीटीवी ने बताया है कि गुरुवार की सुबह सुभाष चंद्र गर्ग नॉर्थ ब्लॉक स्थित वित्त मंत्रालय में अपनी सीट पर पहुंचे थे. लेकिन दोपहर को वे वहां से निकल गए. इस दौरान अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि गर्ग ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए कब आवेदन किया. साथ ही उसे लेकर सरकार के रुख पर भी फिलहाल जानकारी नहीं आई है. इस बीच यह भी बताया गया है कि अगर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए उन्होंने आवेदन नहीं किया है तो अक्टूबर 2020 में सेवाकाल खत्म होने के बाद ही वे सेवानिवृत्त होंगे.

इससे पहले इसी बुधवार को सरकार ने एक दिशानिर्देश जारी करके सुभाष चंद्र गर्ग का तबादला वित्त से ऊर्जा विभाग में किया था. साथ ही उनकी जिम्मेदारी लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) के सचिव अतनु चक्रवर्ती को सौंपी थी. वहीं दूसरी तरफ गर्ग आर्थिक मामलों के सचिव के तौर पर राजकोषीय नीति और रिजर्व बैंक से संबंधित मामलों का प्रभार भी देख रहे थे. इसके अलावा केंद्रीय बजट तैयार करने में भी उनकी अहम भूमिका रही थी. चूंकि वित्त की तुलना ऊर्जा विभाग को कम महत्वपूर्ण माना जाता है ऐसे में उनके स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के फैसले को इसी वजह से जोड़कर देखा जा रहा है.

इस दौरान इस पूरे मामले पर एनडीटीवी ने सुभाष चंद्र गर्ग से फोन पर बातचीत करके उनकी प्रतिक्रिया जानने की भी कोशिश की लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका. सुभाष चंद्र गर्ग 1983 बैच के राजस्थान कैडर के प्रशासनिक अधिकारी हैं. साथ ही 2014 में विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक बनने के बाद वे तेजी से चर्चा में आए थे. उन्होंने वहां 2017 तक काम किया था. इसके बाद जून 2017 में उन्हें आर्थिक मामलों के विभाग में सचिव फिर मार्च 2019 में वित्त सचिव बनाया गया था.