रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रमुख सतीश रेड्डी ने कहा है कि भारत अगले पांच सालों में रक्षा निर्माण के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो जाएगा. उनके मुताबिक इन पांच सालों के बाद भारत को रक्षा क्षेत्र में बाहर से जटिल तकनीकों की आवश्यकता नहीं होगी.

पीटीआई के मुताबिक डीआरडीओ के महानिदेशक सतीश रेड्डी ने शुक्रवार को ‘एरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया’ की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में यह जानकारी दी है.

उन्होंने कहा कि इस समय भारत रडार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली, तारपीडो और संचार प्रणालियों जैसे कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भर हो चुका है.

सतीश रेड्डी के मुताबिक ‘आज हमारे पास अपना विमानवाहक पोत है और हम आज अपने टैंक बना सकते हैं. हल्के लड़ाकू विमानों (एलसीए-तेजस) से हमने मार्क-2 आरवी रडार की पकड़ में न आने वाले विमानों की ओर रुख कर लिया है. इसके अलावा इस समय कई अन्य परियोजनाओं पर भी काम जारी है.’

डीआरडीओ प्रमुख ने आगे कहा, ‘हम इन क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं और मुझे विश्वास है कि आने वाले पांच सालों में अधिकतर मामलों में आत्मनिर्भर होंगे जहां हमें बाहरी तकनीक या प्रणाली की तरफ देखने की जरूरत ही नहीं होगी.’