‘मेरे शासन में प्रतिशोध की राजनीति नहीं होगी.’ 

— बीएस येदियुरप्पा, कर्नाटक के मुख्यमंत्री

बीएस येदियुरप्पा ने यह बात शुक्रवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने पार्टी में कार्यकर्ताओं की विशेष भूमिका बताई. साथ ही कहा, ‘आपके सहयोग के बिना मैं प्रदेश के लोगों की उम्मीदें पूरी नहीं कर सकूंगा.’ इस मौके पर बीएस येदियुरप्पा का यह भी कहना था, ‘कांग्रेस-जनता दल सेक्यूलर (जेडीएस) सरकार के कार्यकाल में कर्नाटक का विकास अवरुद्ध हो गया था. हमें उसमें बदलाव लाना होगा.’

‘अगर आजम खान माफी नहीं मांगते तो उन्हें कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए.’

— ओम बिड़ला, लोकसभा के अध्यक्ष

ओम बिड़ला ने यह बात समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता आजम खान के एक विवादित बयान को लेकर सर्वदलीय बैठक के बाद कही. इससे पहले इसी गुरुवार को तीन तलाक विधेयक पर चर्चा के दौरान आजम खान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद रमा देवी पर अमर्यादित टिप्पणी की थी.


‘मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने खेल शुरू किया है, लेकिन इसे भाजपा खत्म करेगी.’

— शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के वरिष्ठ नेता

शिवराज सिंह चौहान ने यह बात मध्य प्रदेश की सियासी उठापटक पर पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बसपा और अन्य पार्टियों के समर्थन से चल रही है. विधानसभा के पिछले चुनाव में चूंकि कांग्रेस ने हमसे कुछ ही ज्यादा सीटें पाई थीं इसलिए भाजपा ने नैतिक आधार पर वहां सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया था.’ शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा, ‘कांग्रेस ने गंदी राजनीति शुरू कर दी है. उसे इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा.’


‘गाय अकेला ऐसा पशु है जो ऑक्सीजन लेता और छोड़ता है.’

— त्रिवेंद्र सिंह रावत, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री

त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह बात एक कार्यक्रम के दौरान कही. इसी मौके पर उनका यह भी कहना था, ‘यही वजह है कि हमने गाय को माता का दर्जा दिया है क्योंकि वह हमें प्राणवायु देती है.’ इसके साथ ही त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आगे कहा, ‘गाय की मालिश करने से सांस की तकलीफ दूर हो जाती है. साथ ही लगातार इसके संपर्क में रहने से टीबी जैसा रोग भी ठीक हो जाता है.’


‘मेरी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का बिजली मंत्रालय में स्थानांतरण से कोई लेना-देना नहीं है.’

— सुभाष चंद्र गर्ग, वरिष्ठ नौकरशाह

सुभाष चंद्र गर्ग ने यह बात पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘स्थानांतरण आदेश आने के पहले ही 18 जुलाई को प्रधानमंत्री कार्यालय से मैंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के बारे में चर्चा की थी.’ इसी मौके पर एक सवाल के जवाब में उनका यह भी कहना था, ‘मैंने 24 जुलाई को वीआरएस के लिए आवेदन किया था और इसे लेकर प्रक्रिया जारी है. मेरा आवेदन मंजूरी के लिये राज्य सरकार के पास जाएगा और उसे ही इस पर निर्णय करना है.’