ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री यानी वाहन कलपुर्जा उद्योग से जुड़े करीब 8 से 10 लाख लोगों की नौकरी ख़तरे में है. ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैनुफैक्चर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए/एक्मा) के निदेशक विनी मेहता के अनुसार बीते करीब एक साल के दौरान वाहनों की बिक्री में भारी गिरावट देखने को मिली है जिसका विपरीत प्रभाव कलपुर्जा उद्योग पर भी पड़ा है.

ख़बरों की मानें तो कई कंपनियों में कर्मचारियों की छंटनी शुरु भी हो गई है. प्रभावितों में सबसे ज्यादा गुरुग्राम (हरियाणा), पुणे, जमशेदपुर (झारखंड) औऱ पीथमपुर (मध्यप्रदेश) क्षेत्रों के कर्मचारी शामिल हैं. इस बारे में जानकारी देते हुए मेहता ने कहा है, ‘हर कंपनी से कम से कम 10-15 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने की आशंका है. ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री से करीब 50 लाख जुड़े हैं. इनमें से सत्तर प्रतिशत ठेके पर काम करते हैं. हालांकि दो-पहिया वाहन सेक्टर अभी ख़तरे से बाहर नज़र आता है. लेकिन ऐसा कब तक रहेगा, कहना मुश्किल है.’

वाहनों की बिक्री में आई इस कमी के पीछे जानकारों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहन से जुड़ी केंद्र सरकार की अस्पष्ट नीति, कलपुर्ज़ों पर लगने वाली जीएसटी की असमान दर और बीबीएस-6 मानक लागू करने से न सिर्फ़ निवेशक बल्कि ग्राहक भी भ्रमित हो रहे हैं.

बीएमडब्ल्यू की सेडान 7-सीरीज़ फेसलिफ्ट लॉन्च

जर्मन लग्ज़री कार निर्माता कंपनी बीएमडब्ल्यू ने भारत में अपनी फ्लैगशिप सेडान 7-सीरीज़ की फेसलिफ्ट को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस कार को वैश्विक बाज़ार में इसी साल अप्रैल में लॉन्च किया था. तब से भारत में इस कार को चाहने वाले इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. कंपनी ने इस कार को कुल छह वेरिएंट में पेश किया है जिनमें से तीन डीज़ल, दो पेट्रोल और एक प्लग-इन हाइब्रिड है. नई 7- सीरीज़ में लुक्स के मामले में खासे बदलाव किए गए हैं. इनमें किडनी शेप की ग्रिल, बीएमडब्ल्यू लेज़र लाइटिंग तकनीक के साथ पहले से पतले एलईडी हैडलैंप और क्रोम एज के साथ रिवाइज़्ड फ्रंट बंपर शामिल है. वहीं कार के रियर लुक की बात करें तो यहां फुल विड्थ लाइट स्ट्रिप के साथ पहले से पतले एलीडी टेललैंप दिए गए हैं.

इंटीरियर के मामले में 7-सीरीज़ में 8-सीरीज़ और एसयूवी एक्स-5 वाला 12.3 इंच का इंस्ट्रुमेंट क्लस्टर और 10.25 इंच का इंफोटेनमेंट डिस्प्ले दिया गया है. कार की रियर सीटों पर भी 10- इंच की टचस्क्रीन के साथ एंटरटेनमेंट सिस्टम उपलब्ध करवाया गया है. इनके अलावा कार में अकाउस्टिक ग्लास, वायरलेस चार्ज़िंग और वैकल्पिक तौर पर बाउर्स और बिल्किंस कंपनी का डायमंड 3-डी सराउंड साउंड सिस्टम मिलता है.

परफॉर्मेंस की बात करें तो कार के टॉप एंड वेरिएंट टॉप-स्पैक एम760एलआई एक्सड्राइव के साथ 6.6 लीटर क्षमता का वी-12 इंजन दिया गया है जो 609 पीएस पॉवर के साथ 850 एनएम टॉर्क पैदा करता है. इस दमदार इंजन की मदद से यह कार 5.6 सेकेंड में 0-100 किलोमीटर/घंटे की रफ़्तार पकड़ने में सक्षम है. अन्य पेट्रोल वेरिएंट 740 एलआई डीपीई सिग्नेचर के साथ 3.0 लीटर की 6- सिलेंडर मोटर दी गई है जो 340 पीएस पॉवर के साथ 450 एनएम का टॉर्क पैदा करता है. 7-सीरीज़ का यह वेरिएंट 0-100 किलोमीटर/घंटा की रफ़्तार पकड़ने में 5.6 सेकंड का समय लेता है.

वहीं 730 एलडी डीज़ल वेरिएंट के तीनों ट्रिम- 730 एलडी डीपीई, 730 एलडी डीपीई सिग्नेचर और 730 एलडी एम स्पोर्ट के साथ 3.0 लीटर क्षमता का इंजन दिया गया है जो 265 पीएस की पॉवर के साथ 620 एनएम का टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. यह कार 0-100 किलोमीटर/घंटे की रफ़्तार पकड़ने में 6.2 सेकंड का समय लेती है. कंपनी ने इस कार के बेस वेरिएंट के लिए 1.35 करोड़ रुपए (एक्सशोरूम) कीमत तय की है जो इसके टॉप एंड वेरिएंट के लिए 2.43 करोड़ रुपए तक जाती है. बाज़ार में यह कार जगुआर एक्सजे और मर्सिडीज़-बेंज़ एस-क्लास को टक्कर दे सकती है.

इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी दर घटी

इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी की दर 12 से घटाकर पांच प्रतिशत कर दी गई है. पीटीआई के मुताबिक उच्चाधिकार प्राप्त जीएसटी परिषद ने शनिवार को यह फैसला किया. यह फैसला एक अगस्त से प्रभावी होगा. जीएसटी परिषद की 36वीं बैठक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई. इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जर पर भी जीएसटी 18 से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया गया है. इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं के मंच ‘सोसाइटी आफ मैन्युफैक्चरर्स आफ इलेक्टि्क वीकल्स (एसएमईवी)’ ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने इसे पर्यावरण के अनुकूल आवागमन के साधनों को बढ़ाने की सरकार की नीति के अनुरूप बताया है. एसएमईवी ने इलेक्ट्रिक वाहनों की अलग से बिकने वाली स्पेयर बैटरी पर भी जीएसटी घटाने की मांग की है जो अभी 18 फीसदी है.

एसएमईवी के महानिदेशक सोहिंदर गिल ने कहा कि जीएसटी कम होने से बैटरी और पेट्रोलियम ईंधन से चलने वाले वाहनों के दामों में अंतर घटेगा और लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपेक्षाकृत तेजी से अपनाएंगे. उनका यह भी कहना था कि सरकार का यह कदम राष्ट्रीय विद्युत वाहन नीति का एक उल्लेखनीय बिंदु है. भारत सरकार की योजना है कि 2030 तक देश में सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन चलें. इससे पहले सरकार ने ऐलान किया था कि इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को लोन पर चुकाए जाने वाले ब्याज पर 1.5 लाख रुपए की अतिरिक्त इनकम टैक्स छूट भी मिलेगी. पहले से जारी एक लाख की छूट को जोड़कर यह फायदा ढाई लाख रुपए तक बनता है.

मारुति-सुज़ुकी की नई क्रॉसओवरएसएल-6’ की झलक

मारुति-सुज़ुकी की अपकमिंग क्रॉसओवर एसएल-6 की झलक देखी गई है. एक प्रमुख ऑटोवेबसाइट का दावा है कि 6-सीटों वाली मारुति की यह नई पेशकश कंपनी की लोकप्रिय एमपीवी अर्टिगा पर बेस्ड होगी. लेकिन एसएल-6 को पहले से ज्यादा प्रीमियम बनाया जाएगा ताकि यह महिंद्रा मराज़ो और रेनो लॉजी जैसी कारों को टक्कर दे सके. इस कार का नाम इसके बूट पर साफ दिखता है. सामने आई कार की तस्वीरों में रियर विंडशील्ड पर छपा ‘नेक्सा’ का टैग भी आसानी से देखा जा सकता है. इसका मतलब है कि मारुति इस कार को अपनी प्रीमियम फ्लैगशिप नेक्सा के तहत बेचने की तैयारी में है.

जानकारों का कहना है कि कार की फ्रंट एंड स्टाइल को पूरी तरह रिवाइज किया गया है जहां आपको अर्टिगा की तुलना में नए और बड़े हैंडलैंप और अलग बंपर डिज़ायन के साथ नई ग्रिल मिलती है. कार के साथ पहले से चौड़े व्हील आर्क, चारों तरफ़ प्लास्टिक की क्लैडिंग और रूफ रेल भी दिए गए हैं. कार के रियर बंपर को भी फॉक्स डिफ्यूज़र और लार्जर ब्लैक क्लैडिंग के साथ पहले से डिफरेंट ट्रीटमेंट दिया गया है. हालांकि ऑटो विशेषज्ञों का कहना है कि इंटीरियर के मामले में एक्सएल-6 काफी हद तक अर्टिगा की ही याद दिलाती है. अभी तक कार की परफॉर्मेंस से जुड़ी कोई सटीक जानकारी सामने नहीं आ पाई है. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस कार की रेंज 7.45 लाख रुपए से लेकर 11.21 लाख रुपए तक रखी जा सकती है.