अब हमें चंद्रमा के बारे में भी बहुत कुछ पता चला जाएगा, लेकिन राजनीतिक दलों को फंडिंग कहां से और कैसे मिलती है, यह शायद ही कभी पता चले!


आम्रपाली मामले में महेंद्र सिंह धोनी इस हद तक घिर चुके हैं कि उनके पास अब भाजपा में शामिल होने के अलावा कोई चारा नहीं बचा.


कर्नाटक का उदाहरण देखकर समझा जा सकता है कि देश में सिर्फ कांग्रेस के नेता-विधायक ‘मूल्यों’ पर चलने वाले हैं. हॉर्स ट्रेंडिंग में वे कतई आनाकानी नहीं करते.


वे सपा के लिए कायदे आज़म हैं, भाजपा के लिए फायदे आज़म और जमाने के लिए विवादे आज़म.


सप्ताह का कार्टून :

स्रोत : मंजुल के ट्वीट से

प्रज्ञा ठाकुर ने नाली साफ न करने की बात सिर्फ इसलिए कही था ताकि उसकी गैस से चाय-पकौड़े बनें और रोजगार के अवसर बढ़ें.


जनता को इस सरकार के आर्थिक प्रबंधन का अहसानमंद होना चाहिए कि आज सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं और शेयरों के भाव जमीन. यानी अब आप सब्जियां लेने जाएंगे और बचे हुए छुट्टे पैसे से घर आकर शेयर खरीद लेंगे.