देश में गाय के नाम पर होते राजनीतिक ध्रुवीकरण के बीच अब इनके हिंदू धार्मिक परंपरा के मुताबिक अंतिम संस्कार की मांग भी उठी है. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक उत्तर प्रदेश में बाराबंकी के स्थानीय भाजपा नेता रंजीत श्रीवास्तव ने गायों को दफनाने का विरोध किया है. उन्होंने नगरपालिका की एक बैठक में कहा है, ‘गायें हिंदू हैं और इनका अंतिम संस्कार मुसलमानों की धार्मिक परंपरा के मुताबिक नहीं किया जा सकता.’ इसके साथ ही इस भाजपा नेता ने मांग की कि गायों की लाश को सफेद कपड़े में लपेटकर शवदाह गृह में अंतिम संस्कार किया जाए.

इसके आगे रंजीत श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से भी इस मामले पर ध्यान देने की अपील की. इस भाजपा नेता ने कहा, ‘मैं इस प्रस्ताव को नगरपालिका से पास करवाने की पूरी कोशिश करूंगा ताकि बाराबंकी में गायों के लिए विद्युत शवदाह गृह का निर्माण हो सके.’ रंजीत बाराबंकी नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष और इस समय इस पद पर उनकी पत्नी हैं.

इससे पहले बीते हफ्ते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी गायों को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया था. उन्होंने कहा था, ‘गाय एकमात्र ऐसा पशु है जो ऑक्सीजन खींचता और छोड़ता है. यह प्राणवायु देती है इसलिए हमने गाय को माता का दर्जा दिया है.’ इसके आगे उन्होंने यह दावा भी किया था कि गाय की मालिश करने से सांस की तकलीफ दूर हो जाती है. साथ ही इसके संपर्क में लगातार रहने से टीबी जैसी बीमारी भी ठीक हो जाती है.