भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने विधायक और उन्नाव बलात्कार मामले के आरोपित कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निलंबित कर दिया है. उन्हें लेकर यह फैसला बलात्कार और सड़क दुर्घटना के मामले में उनके खिलाफ दर्ज मामलों के मद्देजनर किया गया है. इस दौरान भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने इसकी पुष्टि की है.

इसके साथ ही जी न्यूज के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, ‘कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ कानून अपना काम करेगा जिसका भाजपा से कोई लेना-देना नहीं होगा. इसके अलावा बलात्कार और सड़क दुर्घटना दोनों मामलों की जांच सीबीआई कर रही है इस मामले के दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.’ उन्होंने आगे कहा, ‘पीड़िता और उसके परिवार को उत्तर प्रदेश सरकार हर तरह से समर्थ​न देगी.’

स्वतंत्र देव सिंह का यह भी कहना है, ‘इस अत्यंत दुखद घटना के प्रति भाजपा पूरी तरह से गंभीर है लेकिन समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस जैसे विपक्षी दल इसका राजनीतिकरण करने का प्रयास कर रहे हैं.’

इससे पहले इसी रविवार को उन्नाव बलात्कार मामले की पीड़िता प्रदेश के ही रायबरेली में एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थी. तब उसके साथ मौजूद उसकी दो महिला रिश्तेदारों की मौत हो गई थी जबकि पीड़िता और उसके वकील को गंभीर हालत में लखनऊ के किंग्स जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में दाखिल कराया गया है. वहां फिलहाल इन दोनों को ही वेंटीलेटर पर रखा गया है.

इस दुर्घटना के बाद से ही उन्नाव बलात्कार मामले को लेकर सियासत और गर्मा गई है. इस मामले पर मंगलवार को भी कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने भाजपा पर निशाना साधा. सवालिया लहजे में उन्होंने कहा कि क्यों कुलदीप सेंगर जैसे लोगों के हाथ में सत्ता की ताकत दी जाती है और क्यों पीड़ितों को अकेले लड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए उनका यह भी कहना था, ‘अब भी देर नहीं हुई है और भगवान की खातिर इस अपराधी और उसके भाई को सत्ता से बाहर किया जाए.’

वहीं सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा नहीं किया जा सकता. दूसरी ओर बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि बीते दिनों भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने आरोपित विधायक से जेल में मुलाकात की थी. यह साबित करता है कि आरोपितों को सत्ताधारी पार्टी की तरफ से संरक्षण मिल रहा है. इसके साथ ही मायावती ने सुप्रीम कोर्ट से भी इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की है.