तीन तलाक विधेयक मंगलवार को राज्यसभा से पारित हो गया है. इस चर्चित बिल यानी मुस्लिम महिलाएं (शादी में अधिकारों का संरक्षण) विधेयक-2019 के पक्ष में राज्यसभा में 99 वोट पड़े. वहीं 84 सदस्यों ने इसके खिलाफ वोट दिया. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इससे पहले बीती 25 जुलाई को इस विधेयक को लोकसभा में पारित किया गया था.

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विधेयक के संसद से पारित होने को लैंगिक न्याय और समानता की जीत बताया. उन्होंने कहा, ‘‘आज एक मध्यकालीन कुप्रथा को इतिहास के कूड़ेदान में फेंक दिया गया है. मुझे इस बात का भी गर्व है कि मुस्लिम महिलाओं को उनका हक देने का गौरव हमारी सरकार को प्राप्त हुआ है.’ उधर, राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने तीन तलाक विधेयक को राजनीति से प्रेरित बताया. उन्होंने कहा, ‘इस विधेयक के कानून बनने पर मुस्लिम समुदाय में परिवार आपस में उलझ जाएंगे. पति-पत्नी, एक-दूसरे के खिलाफ वकील करेंगे और फीस देने के लिए उनकी जमीन तक बिक तक जाएगी.’

सीबीआई ने रोल्स रॉयस के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पांच साल की जांच के बाद ब्रिटेन की ऑटोमोबाइल कंपनी रोल्स रॉयस सहित पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है. देश की सरकारी कंपनियों- एचएएल, ओएनजीसी और गेल के अज्ञात अधिकारियों को भी इसमें आरोपित बनाया गया है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक इस कंपनी पर अज्ञात भारतीय अधिकारियों को 75 करोड़ रुपये का रिश्वत देने का आरोप है. इस बारे में सीबीआई ने बताया कि रोल्स रॉयस को साल 2000 और 2013 के बीच एचएएल से 4,736 करोड़ रुपये के ठेके मिले थे. कंपनी को गेल और ओएनजीसी के लिए पुर्जों की आपूर्ति करने के कॉन्ट्रेक्ट भी मिले. बताया जाता है कि ब्रिटिश कंपनी ने दिल्ली स्थित आशामोर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के जरिए आरोपित अधिकारियों को रिश्वत का भुगतान किया था.

हरियाणा : अरावली क्षेत्र में अवैध 140 फार्म हाउस गिराने के निर्देश जारी

हरियाणा के अरावली क्षेत्र में अवैध निर्माण को ढहाए जाने का निर्देश जारी किया गया है. हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक इसके तहत 20 अगस्त को 140 फार्म हाउस और 66 अन्य निर्माण गिराए जाएंगे. बताया जाता है कि वन विभाग के साथ जिला और नगर निर्माण प्रशासन मिलकर इस काम को अंजाम देंगे. इसके लिए 1,000 पुलिसकर्मियों की मांग की गई है. इस बारे में नगर निगम आयुक्त अनीता यादव ने बताया कि अरावली में पंजाब भूमि संरक्षण कानून (1900) का उल्लंघन किया गया है. इससे पहले साल 2002 में सुप्रीम कोर्ट ने अरावली को वन आरक्षित क्षेत्र घोषित किया था. इसके बाद यहां किसी भी तरह की निर्माण गतिविधि के लिए वन विभाग की अनुमति अनिवार्य की गई थी. लेकिन, इस अदालती आदेश को दरकिनार कर बड़ी संख्या में अवैध निर्माण किए गए.

सरकार ने इसरो वैज्ञानिकों को वेतन कटौती का उपहार देकर चकित कर दिया : मोतीलाल वोरा

राज्यसभा में कांग्रेस सांसद मोतीलाल वोरा ने इसरो के वैज्ञानिकों के वेतन में कटौती का मामला उठाया. राजस्थान पत्रिका के मुताबिक मंगलवार को उन्होंने शून्यकाल में कहा, ‘चंद्रयान-2 की सफलता पर पूरा देश इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई दे रहा है. लेकिन, सरकार ने उन्हें वेतन कटौती का उपहार देकर चकित कर दिया.’ वरिष्ठ कांग्रेस सांसद ने आगे बताया कि साल 1996 में राष्ट्रपति ने इसरो वैज्ञानिकों के लिए दो अतिरिक्त वेतन बढ़ोतरियों की अनुमति दी थी जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उसी साल लागू किया गया. शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में इस अतिरिक्त वेतन वृद्धि को तनख्वाह में शामिल करने की बात कही थी. मोतीलाल वोरा ने आगे कहा, ‘वैज्ञानिकों के संगठन एसईए ने इसरो प्रमुख को लिखे एक पत्र में वेतन कटौती संबंधी केंद्र सरकार के आदेश को रद्द करने में मदद की मांग की है.’ कांग्रेस सांसद का कहना है कि इस फैसले से वैज्ञानिक हतोत्साहित होंगे.

एमटीएनएल का बीएसएनएल में विलय पर विचार

दूरसंचार विभाग (डीओटी) महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) का भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) में विलय के एक प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. दैनिक जागरण ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि दोनों सरकारी कंपनियों को मजबूत करने के इरादे से यह प्रस्ताव रखा गया है. हालांकि, इस विषय पर आखिरी फैसला केंद्रीय कैबिनेट को करना है. बताया जाता है कि दोनों कंपनियां घाटे में चल रही हैं. इसके चलते कर्मचारियों को वेतन देने में भी इन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. एमटीएनएल सिर्फ दिल्ली और मुंबई में सेवा प्रदान करती है जबकि बीएसएनएल देश के बाकी हिस्सों में सेवा देती है.

बीते साल दुनिया भर में 12,000 से अधिक बच्चे सशस्त्र संघर्ष के चलते मारे गए या घायल हुए : यूएन

दुनिया के अलग-अलग देशों में हो रहे सशस्त्र संघर्ष का बुरा असर हजारों बच्चों पर भी पड़ता हुआ दिख रहा है. अमर उजाला ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एक रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि साल 2018 में इन संघर्षों में 12 हजार से अधिक बच्चे या तो मारे गए या फिर घायल हुए. इस रिपोर्ट की मानें तो जिन देशों में सबसे अधिक बच्चे हताहत हुए हैं, उनमें अफगानिस्तान, सीरिया और यमन शामिल हैं. यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने इस पर गंभीर चिंता जाहिर की है.