क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड की जीत के हीरो बेन स्टोक्स ने एक अहम बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि उस ऐतिहासिक मैच में उन्होंने अंपायरों से कभी ओवरथ्रो के चार रन इंग्लैंड के स्कोर से हटाने के लिए नहीं कहा. इससे पहले इंग्लैंड की टेस्ट टीम में बेन स्टोक्स के साथी जेम्स एंडरसन ने दावा किया था कि इस आलराउंडर ने अंपायरों से ओवरथ्रो के चार रन हटाने को कहा था. एंडरसन का कहना था, ‘बेन स्टोक्स असल में अंपायरों के पास गए थे और उनसे कहा था कि क्या वे चार रन हटा सकते हैं क्योंकि वे ये रन नहीं चाहते. लेकिन ये नियम है और ऐसा ही है.’

लेकिन बेन स्टोक्स ने इससे इनकार कर दिया है. पीटीआई के मुताबिक एक टीवी कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘मैंने सब कुछ देखा. मैं खुद से पूछ रहा था, क्या मैंने ऐसा कहा था? लेकिन ईमानदारी से कहूं तो मैं अंपायरों के पास नहीं गया और अंपायरों से ऐसा कुछ नहीं बोला.’ इंग्लैंड की पारी में 84 रन बनाकर नाबाद रहे बेन स्टोक्स सुपर ओवर में दोबारा बल्लेबाजी के लिए उतरे थे. इस आलराउंडर ने कहा कि जब गेंद बाउंड्री के लिए गई तो उन्होंने न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन और विकेटकीपर टाम लैथम से माफी मांगी.

लार्ड्स पर 14 जुलाई को खेले गए फाइनल का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट ट्रेंट बोल्ट के अंतिम ओवर की चौथी गेंद पर ओवरथ्रो रहा. दूसरा रन पूरा करने की कोशिश में बेन स्टोक्स कूद गए थे और डीप मिडविकेट से फेंकी गई गेंद उनके बल्ले से टकराकर थर्ड मैन बाउंड्री पर चार रन के लिए चली गई थी. भाग कर लिए दो रन और ओवरथ्रो की बाउंड्री से स्टोक्स को छह रन दिए गए जबकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि पांच ही रन दिए जाने चाहिए थे. ऐसी स्थिति में इंग्लैंड को न्यूजीलैंड के खिलाफ एक रन से हार का सामना करना पड़ता जिसने आठ विकेट पर 241 रन बनाए थे.

हालांकि आईसीसी ने इंग्लैंड को ओवरथ्रो के पांच के बजाय छह रन देने के विवादित फैसले पर अंपायर कुमार धर्मसेना का बचाव किया है. उसने कहा है कि छह रन देने में सही प्रक्रिया का पालन किया गया था.