गोवा विधानसभा ने औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं को नाइट शिफ्ट में कार्य करने की अनुमति देने वाला विधेयक पारित कर दिया है. इसके लिए गोवा के फैक्टरी और बॉयलर्स एक्ट में संशोधन किया गया है. राज्य के उपमुख्यमंत्री चंद्रकांत कावलेकर ने इस एक्ट में संशोधन के लिए विधेयक पेश करते हुए स्पष्ट किया है कि महिला कर्मियों को नाइट शिफ्ट में कार्य के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता. हालांकि इस बीच विपक्षी विधायकों ने इस विधेयक को प्रवर समिति को भेजने की मांग की थी.

वहीं चंद्रकांत कावलेकर ने इस विधेयक का बचाव करते हुए यह भी कहा कि कई बार महिलाओं को इसलिए पदोन्नति नहीं दी जाती क्योंकि वे नाइट शिफ्ट में काम नहीं करतीं. साथ ही गोवा के उपमुख्यमंत्री का आगे कहना था, ‘यह विधेयक कामकाजी महिलाओं को लैंगिक बराबरी देता है. हमें उनके काम-काज के घंटों पर नियंत्रण नहीं लगाना चाहिए और इस मसले पर खुले नजरिए से सोचने की जरूरत है.’

पीटीआई के मुताबिक कावलेकर ने यह भी साफ किया है कि प्रबंधन को नाइट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं के लिए अलग कैंटीन की व्यवस्था करनी होगी और उन्हें कार्यस्थल तक लाने और घर छोड़ने के लिए वाहन सुविधा मुहैया करानी होगी.