सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उन्नाव बलात्कार मामले से जुड़े सभी मुकदमों को उत्तर प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित करने का आदेश दिया है. साथ ही, मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने सीबीआई से इन मामलों की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इससे पहले मुख्य न्यायाधीश ने बुधवार को पीड़िता की शिकायती चिट्ठी न मिलने पर भी नाराजगी जताई थी. उन्होंने सेक्रेटरी जनरल से इस बारे में जवाब भी तलब किया था. बताया जा रहा है कि पीड़िता ने कुछ दिन पहले ही मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिख कर अपनी जान पर खतरे की आशंका जताई थी.

कश्मीर घाटी में और 28,000 जवानों की तैनाती

कश्मीर घाटी में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती लगातार बढ़ाई जा रही है. अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक घाटी में सुरक्षा बलों की और 280 कंपनियों की तैनाती की जा रही है. इन कंपनियों के 28,000 जवानों को कश्मीर के संवेदनशील स्थलों सहित सभी खास जगहों पर तैनात किया जा रहा है. इनके साथ स्थानीय पुलिस के जवानों को भी मोर्चे पर लगाया जा रहा है. इससे पहले भी कश्मीर घाटी में 10,000 अतिरिक्त जवानों को भेजा गया था. बताया जाता है कि इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती से स्थानीय लोग आशंकित हैं. वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि आतंकरोधी कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ऐसा किया जा रहा है.

अब किसी भी चुनाव में कांग्रेस-जेडीएस के बीच कोई गठबंधन नहीं : सिद्धारमैय्या

कर्नाटक में सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन टूटता हुआ दिख रहा है. राजस्थान पत्रिका के मुताबिक कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैय्या ने कहा है कि अब किसी भी चुनाव में दोनों पार्टियों के बीच कोई समझौता नहीं होगा. उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस अपने बल पर चुनावी मैदान में उतरेगी. सिद्धारमैय्या के इस बयान के बाद साफ हो गया है कि राज्य में 17 विधानसभा सीटों के उपचुनाव में दोनों दलों के प्रत्याशी आमने-सामने होंगे. पूर्व मुख्यमंत्री ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए गठबंधन को जिम्मेदार ठहराया. साथ ही, उन्होंने सूबे में भाजपा की वापसी को लेकर जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी को घेरा. सिद्धारमैय्या ने कहा कि कुमारस्वामी ने पार्टी के विधायकों को विश्वास में नहीं लिया.

अयोध्या मामले में मध्यस्थता पैनल ने अपनी प्रगति रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी

अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित मध्यस्थता पैनल ने गुरुवार को सीलबंद लिफाफे में अपनी प्रगति रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय को सौंप दी. दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक शीर्ष अदालत इस मामले पर शुक्रवार को यह रिपोर्ट देखकर आगे की कार्यवाही पर फैसला लेगा. इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ कर रही है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बीती 18 जुलाई को इस पैनल से 31 जुलाई तक मध्यस्थता में हुई प्रगति पर एक अगस्त को रिपोर्ट मांगी थी. पूर्व न्यायाधीश एफएमई कलीफुल्ला की अध्यक्षता वाले इस पैनल को 15 अगस्त तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपनी है.

क्रिसिल ने भारत की अनुमानित विकास दर को घटाकर 6.9 फीसदी किया

ग्लोबल रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने चालू वित्तीय वर्ष (2019-20) में भारत की अनुमानित जीडीपी वृद्धि दर को घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया है. इससे पहले यह 7.1 फीसदी था. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक एजेंसी ने ऐसा कमजोर मानसून और वैश्विक मंदी के चलते किया है. पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कई आर्थिक मोर्चों पर कमजोर नतीजों को देखते हुए भी ऐसा किया गया है. क्रिसिल का कहना है कि चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में देश की वृद्धि दर सुस्त रह सकती है. हालांकि, उसके मुताबिक दूसरी छमाही में हालात सुधर सकते हैं.

बीएसएनल और एमटीएनएल के सामने वेतन का संकट

वित्तीय संकट से जूझ रही सरकारी दूरसंचार कंपनी- भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर दूरसंचार निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ती हुई दिख रही हैं. हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक दोनों कंपनियां अपने-अपने कर्मचारियों को जुलाई का वेतन नहीं दे पाई हैं. बताया जाता है कि वेतन का प्रबंध आंतरिक स्रोतों से किया जा रहा है. बीएसएनएल के सीएमडी पीके पुरवार ने कहा है कि पांच अगस्त तक वेतन दे दिया जाएगा. वहीं, कंपनी के अखिल भारतीय संघों के संयोजक का कहना है कि इस बारे में प्रबंधन की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई है. बीएसएनएल में 1.76 लाख और एमटीएनएल में 22 हजार कर्मचारी काम कर रहे हैं.