जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 2019 की अमरनाथ यात्रा अपने तय समय से पहले ही रद्द कर दी है. यह फैसला अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले को लेकर मिली खुफिया जानकारी के मद्देनजर किया गया है. इसके साथ ही सरकार ने इस यात्रा के श्रद्धालुओं और राज्य में आए दूसरे पर्यटकों के लिए जल्द से जल्द जम्मू-कश्मीर छोड़ने की सलाह भी जारी की है.

प्रशासन की तरफ से यह सलाह जारी किए जाने से पहले शुक्रवार को प्रदेश पुलिस और सेना ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की. इस मौके पर लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने कहा, ‘हमें खुफिया जानकारी मिली है कि पाकिस्तानी सेना द्वारा समर्थित आतंकवादी अमरनाथ यात्रा को बाधित करने की फिराक में हैं. इसके आधार पर हमने यात्रा मार्ग पर गहन तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान हमें पाकिस्तान में बनी एक लैंडमाइन और टेलीस्कोप के साथ एक एम-24 अमेरिकी स्नाइपर राइफल भी बरामद हुई है.’

इसके साथ लेफ्टिनेंट जनरल ढिल्लन का यह भी कहना था, ‘तलाशी अभियान अब भी जारी है. पाकिस्तानी सेना शांति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में है लेकिन ऐसा होने नहीं दिया जाएगा. हम किसी को शांति भंग करने की इजाजत नहीं दे सकते हैं.’

इससे पहले आतंकवादी हमले की आशंका और सुरक्षा-व्यवस्था का हवाला देते हुए केंद्र सरकार ने बीत हफ्ते कश्मीर में दस हजार अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की थी. तब बीते शनिवार को देश के विभिन्न हिस्सों से सुरक्षा बलों को एयरलिफ्ट करके कश्मीर पहुंचाया गया था. इसके बाद इसी गुरुवार को कश्मीर में और 25 हजार सुरक्षा बल तैनात किए जाने संबंधी खबर आई थी.