सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामले की छह अगस्त से रोजाना सुनवाई करेगा. शीर्ष अदालत ने यह फैसला मध्यस्थता से इस मामले का समाधान खोजने के प्रयासों में सफलता न मिलने के बाद किया है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित पैनल ने अपनी रिपोर्ट में इस विवाद का सर्वमान्य समाधान खोजने की कोशिश में विफल होने की बात कही है. पैनल ने कहा कि हिंदू और मुस्लिम पक्षकार इस भूमि विवाद का समाधान नहीं खोज सके. इससे पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सितंबर, 2010 में अपने फैसले में अयोध्या की विवादित 2.77 एकड़ भूमि को तीनों पक्षकारों-सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला में बांटने का आदेश दिया था. उसके इस फैसले के खिलाफ शीर्ष अदालत में 14 अपीलें लंबित हैं.

नोएडा की 1000 से अधिक फैक्ट्रियों पर संकट

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के निर्देश पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने उत्पादन इकाइयों में पेट कोक, कोयले और डीजल के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. साथ ही, उसने जेनसेट से चलने वाली इकाइयों को 30 दिन में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) में कनवर्ट कराने का आदेश दिया है. दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक इस निर्देश की वजह से उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित एक हजार से अधिक उत्पादन इकाइयों पर बंदी की तलवार लटक गई है. इनमें इलेक्ट्रो जिंक प्लेटिंग, फॉसनर, डाइंग, थर्माकोल सहित अन्य उत्पादन इकाइयां शामिल हैं. इन इकाइयों ने इस मामले पर केंद्र सरकार से राहत की गुहार लगाई है. केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि जेनसेट को पीएनजी में कनवर्ट कराने में बहुत खर्च आता है जिसे वहन करने में छोटे और मंझोले कारोबारी असमर्थ हैं.

दिल्ली : मुफ्त बिजली योजना का फायदा किरायेदारों को नहीं

दिल्ली में 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की योजना का फायदा किरायेदारों को नहीं मिल पाएगा. हिन्दुस्तान की खबर के मुताबिक इसका लाभ केवल उन्हें ही मिलेगा, जिनके नाम पर कनेक्शन होगा. बताया जाता है कि किरायेदारों को बिजली के बिल का भुगतान मकान मालिक को ही करना होगा. इनके लिए ये दरें सात से नौ रुपये प्रति यूनिट तक हैं. वहीं, मजदूर किरायेदार विकास पार्टी का कहना है कि दिल्ली में 50 फीसदी से अधिक आबादी किरायेदारों की है. इसके बावजूद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इनके लिए कुछ नहीं किया. पार्टी ने 15 अगस्त के बाद मुख्यमंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की बात कही है.

सड़कों और फुटपाथ की खराब स्थिति जीवन के मौलिक अधिकार का हनन : कर्नाटक हाई कोर्ट

कर्नाटक हाई कोर्ट ने सड़कों और फुटपाथ की खराब स्थिति को संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत मिले जीवन के मौलिक अधिकार का हनन बताया है. राजस्थान पत्रिका के मुताबिक अदालत ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद-21 का विस्तार किया है. अच्छी और सुरक्षित सड़कें गरिमापूर्ण जीवन के लिए जरूरी है. यदि सड़कों पर गड्ढे हैं और लोगों का जीवन खतरे में है तो यह मौलिक अधिकार का उल्लंघन है.’ हाई कोर्ट ने यह टिप्पणी बेंगलुरू की खराब सड़कों को लेकर दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की. अदालत ने नगर निगम के इस तर्क को खारिज कर दिया कि सड़कों की स्थिति मेट्रो और अन्य विकास परियोजनाओं के चलते खराब हुई है. हाई कोर्ट ने आगे कहा कि विकास कार्यों के फौरन बाद सड़कों को दुरुस्त करना संबंधित निकाय की वैधानिक जिम्मेदारी है.

सऊदी अरब : विदेश जाने के लिए महिलाओं को अब पुरुष संरक्षक की अनुमति की जरूरत नहीं

सऊदी अरब में अब महिलाएं किसी पुरुष की अनुमति के बिना भी विदेश जा सकेंगी. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक सऊदी सरकार ने गुरुवार को यह जानकारी दी. इसके तहत 21 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को पासपोर्ट हासिल करने और विदेश जाने की अनुमति होगी. इससे पहले सऊदी अरब में महिलाओं को विवाह करने, पासपोर्ट की वैधता बढ़ाने या देश से बाहर जाने के लिए पुरुष संरक्षकों की अनुमति की आवश्यकता होती थी. महिलाओं पर इस तरह के प्रतिबंध की वजह से सऊदी अरब आलोचनाओं के कटघरे में था. इसके चलते कई महिलाओं ने देश से भागने की कोशिश भी की थी.

अमेरिका और रूस के बीच मिसाइल समझौता रद्द

अमेरिका और रूस ने शुक्रवार को शीतयुद्ध काल के मिसाइल समझौते को रद्द कर दिया है. अमर उजाला में प्रकाशित खबर के मुताबिक इस कदम से दोनों देशों के बीच हथियारों की होड़ की आशंका फिर से पैदा हो गई है. इससे पहले 1987 में हुई इंटरमीडिएट रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज (आईएनएफ) संधि पारंपरिक और परमाणु, दोनों ही तरह की मिसाइलों के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करती थी. रूस के इस संधि को खत्म बताए जाने के कुछ देर बाद ही अमेरिका ने इस संधि से खुद को अलग कर लिया. अमेरिकी विदेश सचिव माइक पोम्पियो ने इसके लिए रूस को जिम्मेदार बताया है.