‘भारतीय जनता पार्टी किसी परिवार की विरासत नहीं बल्कि अपनी विचारधारा के दम पर आगे बढ़ रही है.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों की एक कार्यशाला में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने सांसदों को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ जुड़े रहने की नसीहत भी दी. साथ ही यह भी कहा, ‘सांसदों को अपने भीतर एक कार्यकर्ता की भावना हमेशा जीवित रखनी चाहिए.’ इसके साथ ही नरेंद्र मोदी का यह भी कहना था, ‘हमारी उम्र चाहे कुछ भी हो. हमें एक विद्यार्थी की तरह हमेशा कुछ नया सीखते रहना चाहिए क्योंकि यह कभी खत्म न होने वाली प्रक्रिया है.’

‘केंद्र सरकार कश्मीर में डर का माहौल पैदा कर रही है.’

— गुलाम नबी आजाद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

गुलाम नबी आजाद ने यह बात अमरनाथ यात्रियों और अन्य पर्यटकों को कश्मीर छोड़ने के लिए जारी दिशानिर्देश के मद्देनजर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘केंद्र सरकार का यह फैसला सबसे ज्यादा उन्हें प्रभावित करेगा जो पर्यटन के जरिये अपनी आजीविका चलाते हैं.’ इसके साथ ही गुलाम नबी आजाद ने यह भी कहा, ‘जब जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद अपने चरम पर था तो उस वक्त भी ऐसा कोई दिशानिर्देश जारी नहीं किया गया. मैं समझता हूं कि इसे लेकर प्रधानमंत्री को स्वयं संसद में बयान देना चाहिए.’


‘मैंने दिल्ली में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से कश्मीर को लेकर बात की है लेकिन किसी ने मुझे कुछ संकेत नहीं दिया.’

— सत्यपाल मलिक, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल

सत्यपाल मलिक ने यह बात जम्मू-कश्मीर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और अमरनाथ यात्रियों के साथ पर्यटकों को कश्मीर छोड़ने की सलाह दिए जाने को लेकर कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘अभी संसद सत्र चल रहा है जिसके खत्म होने में दो-तीन दिन बाकी हैं. ऐसे में जो कुछ भी यहां होगा उसे सदन के पटल पर रखा जाएगा.’ सत्यपाल मलिक ने आगे कहा, ‘कुछ लोग धारा 35ए और 370 को खत्म करने की बात कर रहे हैं. वहीं कुछ जम्मू-कश्मीर को तीन भागों में बांटने की अटकलें लगा रहे हैं. लोगों को ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए.’


‘मंदी साफ दिख रही है.’

— दीपक पारेख, एचडीएफसी बैंक के अध्यक्ष

दीपक पारेख ने यह बयान देश की अर्थव्यवस्था की सुस्ती को लेकर दिया. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों (एचएफसी) के सामने खड़े नकदी संकट से यह समस्या और गंभीर हो गई है.’ इसके साथ ही दीपक पारेख का यह भी कहना था, ‘आज हालात ये हैं कि कोई भी जरा-सा जोखिम मोल लेना नहीं चाह रहा. बैंक जहां उधार देने से बच रहे हैं तो एनबीएफसी के सामने नकदी संकट है जिसका अन्य क्षेत्रों पर असर पड़ रहा है.’


‘अमेरिका एशिया में मध्यम दूरी की नई मिसाइलें तैनात करना चाहता है.’

— मार्क एस्पायर, अमेरिका के रक्षा मंत्री

मार्क एस्पायर ने यह बात पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘आप जानते हैं कि ऐसी चीजों को हासिल करने में उम्मीद से अधिक वक्त लग जाता है. लेकिन मैं इस काम को जल्द से जल्द अंजाम तक पहुंचाना चाहता हूं.’ हालांकि इस दौरान मार्क एस्पायर ने यह नहीं बताया कि अमेरिका इन हथियारों की तैनाती कहां करेगा.