उत्तर प्रदेश : कोर्ट में सिपाही की वर्दी उतरवाने वाले जज का तबादला | रविवार, 28 जुलाई 2019

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले की एक अदालत में कथित तौर पर एक सिपाही की वर्दी उतरवाने वाले जज का तबादला कर दिया गया. खबर के मुताबिक जज ने इस सिपाही को सजा के तौर पर वर्दी उतारने और कोर्ट में एक घंटे तक खड़े रहने का आदेश दिया था.

आगरा के एक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक कांस्टेबल-कम-ड्राइवर घूरे लाल ने कथित तौर पर करीब दो किलोमीटर तक जज की गाड़ी को साइड नहीं दी थी. घटना के वक्त घूरे लाल पुलिस वैन चला रहे थे. इसके बाद आगरा में एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात जज ने घूरे लाल को तलब किया. जज ने उन्हें सजा के तौर पर वर्दी उतारकर कोर्ट में एक घंटे तक खड़े रखा.

आज़म खान ने लोकसभा में अपनी विवादास्पद टिप्पणी पर माफी मांगी | सोमवार, 29 जुलाई 2019

लोकसभा में पीठासीन सभापति रमा देवी पर की गई विवादास्पद टिप्पणी के मामले में समाजवादी पार्टी सांसद आज़म खान ने माफी मांग ली. ये मामला बीते गुरुवार का है. सपा सांसद ने कहा कि आसन के प्रति न उनकी कोई गलत भावना थी और न कभी रही है. इससे पहले लोकसभा में भाजपा और कांग्रेस सहित सभी पार्टियों ने पीठासीन सभापति के बारे में आजम खान की टिप्पणी की कड़ी निंदा की थी. उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से मांग की थी कि सपा सांसद के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो. इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने आज़म खान को चेतावनी दी थी कि वे या तो माफी मांगें या कार्रवाई झेलने के लिए तैयार रहें.

महाराष्ट्र में कांग्रेस और एनसीपी को झटका, चार विधायकों ने इस्तीफा दिया | मंगलवार, 30 जुलाई 2019

महाराष्ट्र में विपक्षी कांग्रेस और एनसीपी को बड़ा झटका लगा. इन पार्टियों के चार विधायकों ने इस्तीफा दे दिया. इनमें एक विधायक कांग्रेस का है और तीन एनसीपी के. चर्चा है कि ये चारों विधायक भाजपा में शामिल हो सकते हैं. महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले एनसीपी मुखिया शरद पवार ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि वो जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर उनकी पार्टी के नेताओं को अपने खेमे में शामिल होने पर मजबूर कर रही है. इसके बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने शरद पवार पर पलटवार किया था. उन्होंने कहा था कि शरद पवार को ये सोचना चाहिए कि क्यों उनके लोग एनसीपी में नहीं रहना चाहते.

सोमवार से लापता कैफे कॉफी डे के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ का शव बरामद हुआ | बुधवार, 31 जुलाई 2019

सोमवार से लापता कैफे कॉफी डे के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ का शव बरामद हुआ. शव मेंगलुरू के पास नेत्रवती नदी के किनारे मिला. देश की सबसे बड़ी कॉफी चेन के संस्थापक सिद्धार्थ कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के दामाद भी थे. सोमवार को मेंगलुरु जाते समय वे लापता हो गए थे. उनका पता लगाने के लिए व्यापक तलाशी अभियान छेड़ा गया था. बताया जा रहा है कि वीजी सिद्धार्थ अपने कारोबार के सिलसिले में काफी मानसिक दबाव में थे. खबरों के मुताबिक उन्होंने अपनी कंपनी के निदेशकों और कर्मचारियों को एक चिट्ठी भी लिखी थी. इसमें उन्होंने कहा था कि निवेशकों के दबाव में उन्हें काफी कर्ज लेना पड़ा है और वे अब और दबाव नहीं झेल सकते.

उन्नाव मामले की सुनवाई उत्तर प्रदेश के बजाय दिल्ली में करवाने का निर्देश | गुरुवार, 01 अगस्त 2019

सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव मामले से जुड़े सभी पांच मुकदमों की सुनवाई राज्य से हटाकर दिल्ली में किए जाने का आदेश दिया. शीर्ष अदालत ने सरकार को इस मामले की पीड़िता को कल तक 25 लाख रु का मुआवजा देने को भी कहा. पीड़िता एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती है. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सीबीआई से कहा कि सड़क हादसे की जांच एक हफ्ते में और बाकी मामलों की सुनवाई 45 दिन में पूरी हो जानी चाहिए.

उन्नाव बलात्कार मामले की पीड़िता की कार को बीते रविवार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी थी. हादसे में पीड़िता के दो रिश्तेदारों सहित तीन लोगों की मौत भी हो गई. पीड़ित परिवार का कहना है कि ये हादसा नहीं बल्कि साजिश है, जो इस मामले के आरोपित और अब भाजपा से निलंबित हो चुके विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने रची है. हादसे के बाद सीबीआई ने विधायक सहित 10 लोगों पर हत्या का मामला दर्ज किया है.

अयोध्या मामले में मध्यस्थता की पहल विफल, अब सुप्रीम कोर्ट छह अगस्त से रोजाना सुनवाई करेगा | शुक्रवार, 02 अगस्त 2019

सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामले की छह अगस्त से रोजाना सुनवाई करेगा. शीर्ष अदालत ने ये फैसला मध्यस्थता से इस मामले का समाधान खोजने की कोशिश असफल होने के बाद किया. सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व न्यायाधीश इब्राहिम कलीफुल्ला की अध्यक्षता में एक मध्यस्थता समिति बनाई थी. इसने एक अगस्त को अपनी रिपोर्ट सौंप दी. इसमें कहा गया है कि इस विवाद का सर्वमान्य समाधान खोजने के प्रयास विफल हो गये हैं. समिति ने कहा कि हिंदू और मुस्लिम पक्षकार इस पेचीदा भूमि विवाद का समाधान नहीं खोज सके. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2010 में अयोध्या की विवादित 2.77 एकड़ भूमि को तीनों पक्षकारों-सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला में बांटने का आदेश दिया था. इस फैसले के खिलाफ इन सभी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी.

अब दीपक पारेख ने भी कहा - मंदी साफ दिख रही है | शनिवार, 03 अगस्त 2019

अर्थव्यवस्था की सुस्ती पर उद्योगपतियों ने चिंता जताई. शुक्रवार को लारसन एंड टुब्रो के मुखिया एएम नाइक ने आर्थिक हालात को चुनौतियों भरा बताया था. अब एचडीएफसी के चेयरमैन दीपक पारेख ने भी ऐसी ही बात कही है. उन्होंने कहा कि मंदी साफ दिख रही है. दीपक पारेख ने कहा कि गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और हाउसिंग फायनैंस कंपनियों (एचएफसी) के सामने खड़े नकदी संकट के चलते यह समस्या और गंभीर हो गई है.

एचडीएफसी के मुखिया के मुताबिक आज के हालात में कोई जरा भी जोखिम मोल नहीं लेना चाह रहा. दीपक पारेख का कहना था कि बैंक उधार देने से बच रहे हैं और ज्यादातर एनबीएफसी के सामने भी नकदी का संकट है. उनके मुताबिक इसका असर दूसरे क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है. इससे पहले एलएंडटी के चेयरमैन दीपक नाइक ने कहा था कि अगर इस साल विकास दर 6.5 फीसदी भी रहती है तो इसे खुशकिस्मती समझना चाहिए.

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