संविधान में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने से संबंधित अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी करने से संबंधित प्रस्ताव को राज्यसभा ने पारित कर दिया. वहीं, राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने से संबंधित विधेयक को भी उसने मंजूरी दे दी. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. संसद के उच्च सदन से पारित होने के बाद जम्मू-कश्मीर से संबंधित प्रस्तावों और विधेयकों को मंगलवार को लोकसभा में रखा जाना है. इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अनुच्छेद-370 (1) के तहत हासिल शक्तियों का इस्तेमाल कर अनुच्छेद-370 को अप्रभावी किए जाने का आदेश जारी किया था.

फ्रांस : अविवाहित महिलाओं और समलैंगिक जोड़ों को गर्भधारण करने का अधिकार मिलने का रास्ता साफ

फ्रांस में अविवाहित महिलाओं और समलैंगिक जोड़ों को गर्भधारण करने का अधिकार मिलने का रास्ता साफ हो गया है. हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक इमैनुएल मैक्रों की सरकार अगले माह इस संबंध में एक प्रस्ताव लेकर आ रही है. इसके तहत फ्रांस में इनके लिए आईवीएफ तकनीक के इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया जाएगा. साथ ही, इस तकनीक से पैदा बच्चे को वयस्क होने के बाद अपने पिता के बारे में भी जानने का अधिकार होगा. इससे पहले साल 2013 में सरकार ने समलैंगिक जोड़ों को शादी करने और बच्चा गोद लेने का अधिकार दिया था. फ्रांस के रूढ़िवादी दलों ने इस इस प्रस्ताव का विरोध किया है. उनका कहना है कि इसके बाद महिलाओं को किराये की गोद के धंधे में धकेला जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामले की सुनवाई की रिकॉर्डिंग की मांग पर विचार के लिए तैयार

सुप्रीम कोर्ट अयोध्या मामले में होने वाली सुनवाई की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग की मांग पर विचार के लिए तैयार हो गया है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व विचारक केएन गोविंदाचार्य ने प्रतिदिन होने वाली सुनवाई का सीधा प्रसारण या इसकी रिकॉर्डिंग के लिए याचिका दायर की थी. इस याचिका पर शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को कहा, ‘हमें मालूम नहीं है कि क्या हमारे पास कार्यवाही के सीधे प्रसारण या रिकॉर्डिंग के लिए उपकरण हैं.’ मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ आज से इस मामले की रोजाना सुनवाई करने वाली है.

केरल : पत्रकार की हत्या के आरोप में आईएएस अधिकारी निलंबित

केरल के प्रशासनिक (आईएएस) अधिकारी श्रीराम वेंकटरमण को निलंबित कर दिया गया है. उन पर बीती तीन अगस्त को शराब पीकर गाड़ी चलाने के दौरान 35 वर्षीय पत्रकार के मोहम्मद बशीर को टक्कर मारने का आरोप है. इस हादसे में बशीर की मौत हो गई थी. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक वेंकटरण को निलंबित किए जाने के साथ ही इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है. बताया जाता है कि मुख्य सचिव टॉम जोस ने मुख्यमंत्री पी विजयन के निर्देश पर यह कार्रवाई की है. उन्होंने इसे बेहद गंभीर माना है. आरोपित अधिकारी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है.

अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करना एक राजनीतिक फैसला : पूर्व अटॉर्नी जनरल

देश के पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी ने संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने संबंधी केंद्र सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया है. दैनिक जागरण के मुताबिक सोली सोराबजी ने कहा, ‘मेरे विचार से इसमें कुछ भी क्रांतिकारी नहीं है. यह एक राजनीतिक फैसला है. इसके बावजूद यह एक समझदारी भरा फैसला नहीं है.’ उन्होंने आगे कहा कि पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती और नेशनल कांफ्रेंस के उमर अब्दुल्ला को नजरबंद करना बहुत ही अप्रिय कदम था और इससे कश्मीर के लोगों को गलत संकेत गया है. पूर्व अटॉर्नी जनरल की मानें तो राज्य के इन प्रमुख नेताओं को नजरबंद करने की जरूरत नहीं थी.

जम्मू-कश्मीर के मौजूदा राज्यपाल दोनों नए केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपाल

जम्मू-कश्मीर के दो हिस्सों में बंटने के बाद राज्य के मौजूदा राज्यपाल सत्यपाल मलिक दोनों केंद्रशासित प्रदेशों के उपराज्यपाल माने जाएंगे. राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक-2019 में इसका प्रावधान किया गया है. वहीं, लोकसभा की सीटों की संख्या देखें तो जम्मू-कश्मीर में पांच और लद्दाख में एक सीट होगी. यह संख्या मौजूदा सीटों की संख्या के बराबर है. राज्यसभा ने इस विधेयक पर सोमवार को अपनी मुहर लगा दी. वहीं, लोकसभा में इसे आज पेश किया जाएगा.