गृहमंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के नेता फारुख अब्दुल्ला को न तो हिरासत में लिया गया है और न ही उन्हें गिरफ्तार किया गया है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘एनसी नेता अपनी इच्छा से घर पर हैं.’ खबरों के मुताबिक अमित शाह ने यह बात लोकसभा में नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की सांसद सुप्रिया सुले द्वारा लोकसभा में फारुख अब्दुल्ला की अनुपस्थिति की बात उठाए जाने पर कही.

लेकिन इसी दौरान अमित शाह के इस बयान पर फारुख अब्दुल्ला की भी विरोधाभासी प्रतिक्रिया आई है. एनडीटीवी के साथ बातचीत में फारुख अब्दुल्ला ने खुद को श्रीनगर स्थित अपने घर में नजरबंद किए जाने की बात कही है. उनके मुताबिक उनके घर के बाहर एक बड़ा ताला लगा हुआ है. इसके साथ ही फारुख अब्दुल्ला ने यह भी कहा, ‘मुझे इसका बेहद अफसोस है कि गृहमंत्री सदन में इस तरह का झूठ बोल रहे हैं.’

इससे पहले मंगलवार को ही लोकसभा में सुप्रिया सुले ने कहा था कि फारुख अब्दुल्ला मेरी ही सीट के आगे बैठते हैं लेकिन जम्मू-कश्मीर से जुड़े विधेयक के दौरान वे संसद में मौजूद नहीं हैं. इसके साथ ही एनसीपी नेता ने गृह मंत्री से यह भी पूछा कि क्या अब्दुल्ला अस्वस्थ हैं. इस पर अमित शाह ने दो टूक जवाब में कहा, ‘मैं डॉक्टर नहीं हूं.’

वहीं सुप्रिया सुले के अलावा द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेता दयानिधि मारन ने भी सदन से फारुख अब्दुल्ला की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया. साथ ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से कहा, ‘सदन का एक सदस्य लापता है. वह गिरफ्तार है और हमें इस बारे में सूचना नहीं है.’ इसके साथ ही दयानिधि मारन का यह भी कहना था, ‘लोकसभा अध्यक्ष होने के नाते आपको सदन के सदस्यों को सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए. साथ ही आपको तटस्थ रहना चाहिए.’