जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने को अमेरिका ने भारत का आंतरिक मामला बताया है. इस बारे में अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मॉर्गन ओर्टागस ने कहा है, ‘धारा 370 हटाए जाने के बाद अमेरिका जम्मू-कश्मीर के घटनाक्रम पर बारीक नजर बनाए हुए है.’ इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर जम्मू-कश्मीर के सभी पक्षों से नियंत्रण रेखा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपील भी की. साथ ही उन्होंने आगे कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने संबंधी खबरों को लेकर हम चिंतित हैं. हमारी अपील है कि वहां लोगों के व्यक्तिगत अधिकारों को सम्मान किया जाए और प्रभावित समुदायों से बातचीत की जाए.’

इस दौरान संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने भी भारत-पाकिस्तान से ‘अधिकतम संयम’ बरतने के लिए कहा है. यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटारेस की तरफ से उनके प्रवक्ता स्टीफन ड्यूजारिक ने पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कहा, ‘यह अपील दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के मद्देनजर की गई है.’ इस मौके पर ड्यूजारिक ने यह भी कहा, ‘भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) ने नियंत्रण रेखा के करीब सैन्य गतिविधियों में वृद्धि दर्ज की है. ऐसे में हमारी चिंता इस बात को लेकर है कि दोनों देशों बीच के संबंधों में और तनाव पैदा न हो.’

इससे पहले इसी सोमवार को गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने की जानकारी दी थी और जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन विधेयक पेश किया था. दिनभर की चर्चा के बाद उच्च सदन में जम्मू-कश्मीर को दो हिस्सों में बांटने वाला राज्य पुनर्गठन विधेयक 61 के मुकाबले 125 वोटों से पारित कर दिया गया था. इधर, इस विधेयक पर फिलहाल लोकसभा में चर्चा जारी है.