भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने सभी अवधि के कर्जों पर ब्याज दर 0.15 प्रतिशत घटाने का ऐलान किया है. पीटीआई के मुताबिक नई दरें 10 अगस्त से प्रभावी होंगी. एसबीआई भारत का सबसे बड़ा बैंक है और माना जा रहा है कि उसके इस कदम के बाद दूसरे बैंक भी इस राह पर चल सकते हैं.

एसबीआई का यह ऐलान भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कमी के बाद आया है. आज ही रिजर्व बैंक की छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो रेट में 0.35 प्रतिशत की कटौती की है. इस कटौती के बाद रेपो दर 5.40 प्रतिशत रह गयी है. यह लगातार चौथा मौका है जब रेपो दर में कटौती की गयी है. रेपो दर में इस कटौती के साथ रिजर्व बैंक की रिवर्स रेपो दर भी कम होकर 5.15 प्रतिशत रह गई है. रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई अन्य बैंकों को कर्ज देता है. इसी कर्ज से बैंक ग्राहकों को ऋण की सुविधा मुहैया कराते हैं. माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक की इस कटौती से बैंकों पर कर्ज और सस्ता करने का दबाव बढ़ गया है.

इससे पहले एसबीआई ने लघु अवधि की 179 दिन के सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज दर में 0.5 से 0.75 प्रतिशत की कटौती की थी. इसी तरह दीर्घावधि के सावधि जमा पर ब्याज दर में भी 0.20 से 0.35 प्रतिशत की कटौती की गई थी.