भारत के साथ व्यापारिक और राजनयिक संबंध सीमित करने संबंधी पाकिस्तान के फैसले पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है, ‘जैसा पड़ोसी हमारे बगल में बैठा है, परमात्मा करे कि ऐसा पड़ोसी किसी को न मिले.’ राजनाथ सिंह ने यह बात दिल्ली में सेना के पूर्व कर्मियों से जुड़े एक कार्यक्रम में दिए अपने संबोधन में कही. इस मौके पर केंद्रीय रक्षामंत्री ने यह भी कहा, ‘सबसे बड़ी आशंका तो हमें हमारे पड़ोसी के बारे में रहती है. समस्या ये है कि आप दोस्त बदल सकते हैं मगर पड़ोसी का चुनाव आपके हाथ में नहीं होता.’

राजनाथ सिंह के इस बयान के एक दिन पहले यानी इसी बुधवार को पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने राजनयिक और व्यापारिक रिश्ते सीमित करने का फैसला किया था. इसके अलावा उसने इस्लामाबाद में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को भी निष्कासित कर दिया था. साथ ही इसी महीने दिल्ली में नियुक्त किए जाने वाले अपने उच्चायुक्त की नियुक्ति को भी टालने की घोषणा की थी. पाकिस्तान ने ये सभी फैसले भारत सरकार की तरफ से जम्मू-कश्मीर को ले​कर किए फैसलों के मद्देनजर किए हैं.

इससे पहले इसी हफ्ते भारत ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के पहले खंड को छोड़कर शेष दोनो खंडों को रद्द करने का फैसला किया था. इसकी वजह से जम्मू-कश्मीर को मिलने वाला विशेष राज्य का दर्जा खत्म हो गया है. इसके अलावा सरकार ने संसद के दोनों सदनों में जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में भी बांटने संबंधी विधेयक भी पेश किया था. यह दोनो सदनों से पारित हो चुका है.