गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया. कांग्रेस से अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करने वाले प्रणब मुखर्जी ने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन के नेतृत्व वाली सरकारों में विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली है. इसके बाद 83 साल की उम्र में वे देश के 13वें राष्ट्रपति चुने गए. बतौर राष्ट्रपति उन्होंने 2012 से 2017 के दौरान सेवाएं दीं.

इधर, इसी मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता और समाजसेवी रहे नानाजी देशमुख और असम के चर्चित गायक भूपेन हजारिका को मरणोपरांत इस समान से नवाजा गया. नानाजी देशमुख की तरफ से दीनदयाल उपाध्याय रिसर्च इंस्टीट्यूट के वीरेंद्रजीत सिंह ने तो भूपेन हजारिका की तरफ से यह सम्मान उनके बेटे तेज हजारिका ने ग्रहण किया.

इससे पहले इसी साल जनवरी में इन तीनों हस्तियों को इस सम्मान से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई थी. यह सम्मान कला, साहित्य, विज्ञान, खेल, सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है. इसकी शुरुआत 1954 से की गई थी. पहला भारत रत्न डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को दिया गया था.