उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा है कि देश में कुछ लोग अफजल गुरु के कामों का समर्थन करके लोकतांत्रिक प्रणाली को नष्ट कर देना चाहते हैं. खबरों के मुताबिक उन्होंने यह बात मध्य प्रदेश में एक कार्यक्रम के दौरान कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘अफजल गुरु के अधूरे छोड़े कामों को पूरा करने के बारे में सोचना शर्मनाक और मूर्खतापूर्ण है क्योंकि उसने भारत की संसद को बम से उड़ाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को खत्म करने का षडयंत्र रचा था.’

इस मौके पर उप राष्ट्रपति ने यह भी कहा, ‘देश के 920 उच्च शिक्षण संस्थानों में से कुछ एक में ही अफजल गुरु के अधूरे कामों को पूरा करने की बातें उठती हैं. ऐसे विवादों और गलत कारणों की वजह से ये संस्थाान चर्चा में आते हैं.’ हालांकि उन्होंने इस दौरान किसी संस्थान का नाम नहीं लिया. इसके साथ ही वेंकैया नायडू ने एकता और अखंडता को देश के लिए सर्वोपरि बताया. उन्होंंने कहा, ‘अगर कश्मीर में कुछ चल रहा है तो हम इससे चिंतित हैं. कन्याकुमारी में कुछ हो रहा है तो हम सबको इससे चिंतित होना चाहिए.’

संसद पर हुए हमले के मामले में दोषी अफजल गुरु को फरवरी 2013 में दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी. इसके बाद साल 2016 में फांसी की बरसी के मौके पर दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कुछ छात्रों ने भारत विरोधी और अफजल गुरु के समर्थन में नारेबाजी की थी. इसे लेकर वहां के कई छात्रों के खिलाफ मामला भी दर्ज किया गया था.