‘धारा 370 पर किए सरकार के फैसले की आलोचना करना ठीक नहीं है.’

— कर्ण सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

कर्ण सिंह ने यह बात एक बयान जारी करके कही. इसी बयान के जरिये उन्होंने यह भी कहा, ‘मैं लद्दाख को केंद्रशासित प्रदेश का दर्जा दिए जाने का स्वागत करता हूं. जब मैं सदर-ए-रियासत था तो 1965 में खुद मैंने भी इस राज्य के पुनर्गठन की बात कही थी. इसके साथ ही कर्ण सिंह ने जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक संवाद जारी रखने की जरूरत भी बताई. साथ ही सरकार से अपील करते हुए कहा, ‘इस पूरे क्षेत्र में किसी भी कीमत सांप्रदायिक सद्भाव बरकरार रहना चाहिए.’

‘मैं आप लोगों को भरोसा दिलाता हूं कि जम्मू-कश्मीर में जल्दी ही पारदर्शी तरीके से चुनाव करवाए जाएंगे.’

— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी ने यह बात राष्ट्र के नाम दिए अपने संबोधन में कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘दशकों के परिवारवाद ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को नेतृत्व में भागीदार बनने का मौका ही नहीं दिया. लेकिन अब यहां के नौजवान भी इसमें भागीदार बनकर इस राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का काम करेंगे.’ इस मौके पर नरेंद्र मोदी का यह भी कहना था, ‘हमारी सरकार ने धारा 370 के अधिकांश प्रावधानों को खत्म करने का ऐतिहासिक फैसला किया क्योंकि इस धारा ने जम्मू-कश्मीर को अलगाववाद और आतंकवाद के सिवाय कुछ भी नहीं दिया.’


‘भाजपा सरकार कश्मीर में आजादी के आंदोलन को रोक नहीं पाएगी.’

— इमरान खान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

इमरान खान ने यह बात एक ट्वीट के जरिये नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र के नाम संबोधन दिये जाने के कुछ ही देर पहले कही. इसी ट्वीट से उन्होंने यह भी कहा, ‘पूरी दुनिया इंतजार कर रही है कि भारत के कब्जे वाले कश्मीर से कर्फ्यू हटे तो यह पता चले कि उत्पीड़ित कश्मीरियों के साथ वहां क्या हुआ है.’ इसके साथ ही इमरान खान ने यह भी कहा, ‘क्या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार सोचती है कि कश्मीरियों के खिलाफ भारी सुरक्षा बलों की तैनाती से आजादी का आंदोलन वहां थम जाएगा? इससे यह आंदोलन और जोर पकड़ेगा.’


‘जैसा पड़ोसी हमारे बगल में बैठा है, परमात्मा करे कि वैसा पड़ोसी किसी को न मिले.’

— राजनाथ सिंह, रक्षामंत्री

राजनाथ सिंह ने यह बात दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान द्वारा भारत के साथ राजनयिक और व्यापारिक रिश्ते सीमित करने के फैसले पर कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘सबसे बड़ी आशंका तो हमें हमारे पड़ोसी के बारे में ही रहती है.’ इस मौके पर राजनाथ सिंह का यह भी कहना था, ‘सबसे बड़ी समस्या यह है कि आप दोस्त बदल सकते हैं मगर पड़ोसी का चुनाव आपके हाथ में नहीं होता.’


‘हम सैन्य कार्रवाई पर विचार नहीं कर रहे हैं.’

— शाह महमूद कुरैशी, पाकिस्तान के विदेश मंत्री

शाह महमूद कुरैशी ने यह बात इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत की तरफ से जम्मू-कश्मीर को लेकर इसी हफ्ते किए फैसले पर कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म किए जाने संबंधी भारत सरकार के फैसले को हम हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाएंगे.’ इसी मौके पर शाह महमूद कुरैशी का यह भी कहना था, ‘मैं जल्दी ही चीन की यात्रा करूंगा और चीन सरकार को ताजा हालात से परिचित करवाऊंगा.’