प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर पर अपनी सरकार के फैसले को यहां के लोगों के लिए एक नए युग की शुरुआत बताया है. गुरुवार को राष्ट्र के नाम दिए अपने संबोधन में उन्होंने कहा, ‘अनुच्छेद 370 से जो नुकसान हो रहा था उसकी कोई चर्चा नहीं हो रही थी. कोई ये भी नहीं बता पाता था कि इससे जम्मू- कश्मीर के लोगों को क्या लाभ हुआ.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संबोधन को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘अनुच्छेद -370 और 35ए ने जम्मू-कश्मीर को परिवारवाद, अलगाववाद और भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं दिया.’ वहीं, नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान पर भी निशाना साधा. उनका कहना था, ‘पाकिस्तान द्वारा अनुच्छेद-370 और 35ए को देश के खिलाफ लोगों की भावनाएं भड़काने के लिए एक शस्त्र की तरह इस्तेमाल किया जा रहा था.’

पान मसाले में मौजूद 40 खतरनाक कैमिकल आपसी प्रतिक्रिया से 3,096 हानिकारक तत्व बनाते हैं : रिपोर्ट

सादे पान मसाले भी अब लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं. हिन्दुस्तान में प्रकाशित खबर के मुताबिक इसकी एक छोटी से पुड़िया में 40 तरह के खतरनाक कैमिकल मिलाए जा रहे हैं. यह बात इंटरनेशनल जर्नल ऑफ करंट फार्मा के एक शोध में सामने आई है. इसमें देश के 10 बड़े पान मसाला ब्रांड्स के नमूनों की जांच की गई थी. इनमें से सात ब्रांड अकेले उत्तर प्रदेश के कानपुर से जुड़े हुए हैं. वहीं, लोगों को इसकी लत लगाने के लिए इसमें सीमा से 10 गुना ज्यादा मैग्नीशियम कार्बोनेट मिलाया जाता है. साथ ही, इसमें पाए जाने वाले 40 कैमिकल आपस में प्रतिक्रिया करके 3,096 से अधिक रसायन बना लेते हैं. शोध के मुताबिक ये हानिकारक कैमिकल कैंसर को जन्म देते हैं. साथ ही, इनसे दिल की बीमारी और छाती में दर्द जैसी अन्य बीमारियां भी पैदा होती हैं.

उत्तर प्रदेश : पूर्व डीजीपी के खिलाफ जमीन पर कब्जा करने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज

उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जगमोहन यादव के खिलाफ जमीन पर कब्जा करने और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. इसमें 59 अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया है. राजस्थान पत्रिका की खबर के मुताबिक पूर्व केंद्रीय मंत्री बलराम सिंह यादव के बेटे विजय सिंह ने पूर्व डीजीपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. हालांकि, जगमोहन यादव ने जमीन के कागजात भी सामने रखे थे. लेकिन, जांच में इस बात का खुलासा हुआ कि उन्होंने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए कागजात बनवा लिए थे. इससे पहले साल 2017 में भी पूर्व डीजीपी पर गोसाईंगंज के आवास विकास की जमीन कब्जाने का आरोप लगा था.

ई-रेल टिकट बुकिंग पर एक बार फिर सर्विस चार्ज लगाने की तैयारी

आने वाले दिनों में रेल यात्रा के लिए आईआरसीटीसी के जरिये टिकट लेना महंगा हो सकता है. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक आईआरसीटीसी एक बार फिर ट्रेन टिकट बुकिंग पर सर्विस चार्ज लगा सकता है. इसके तहत स्लीपर क्लास की ई-टिकट बुकिंग पर 20 रुपये और एसी क्लास की ई-टिकट बुकिंग पर 40 रुपये चार्ज लगाने का प्रावधान है. अखबार ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने रेल मंत्रालय को ऐसा करने के लिए कहा है. बताया जाता है कि वित्त मंत्रालय ने भारतीय रेलवे को 88 करोड़ रुपये का फंड देने से इनकार कर दिया है. इसे रेल मंत्रालय को नोटबंदी के बाद नुकसान की भरपाई के तौर पर दिया जाना था. नोटबंदी के एलान के बाद आईआरसीटीसी ने ई-टिकट बुकिंग पर सर्विस चार्ज हटा लिया था.

पीडीपी ने अपने सांसदों को इस्तीफा देकर वापस लौटने के लिए कहा, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने सड़क से संसद तक संघर्ष का एलान किया

पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने राज्यसभा में अपने दोनों सांसदों- नजीर अहमद और एमएम फैयाज को इस्तीफा देने के लिए कहा है. साथ ही, उन्हें कश्मीर वापस लौटकर केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ लोगों को एकजुट करने का निर्देश भी दिया गया है. दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के पुलिस हिरासत में होने चलते वरिष्ठ नेताओं ने यह फैसला लिया है. हालांकि, राज्य की अन्य प्रमुख पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया है. पार्टी का कहना है कि इस फैसले के खिलाफ अदालत, सड़क और संसद तीनों जगहों पर संघर्ष के लिए सांसद जरूरी हैं. नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने कार्यकर्ताओं को इसके लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है.

भारतीय तीरंदाजी संघ पर प्रतिबंध

वर्ल्ड आर्चरी ने सख्त कदम उठाते हुए भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) को प्रतिबंधित कर दिया है. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक 31 जुलाई तक एएआई के चुनाव न कराए जाने की वजह से ऐसा किया गया है. इससे पहले वर्ल्ड आर्चरी की कार्यकारिणी ने चुनाव के लिए यह समय-सीमा तय की थी. हालांकि, भारतीय तीरंदाजों को मैड्रिड में होने वाली जूनियर विश्व तीरंदाजी चैंपियनशिप में भारतीय झंडे के तले खेलने की अनुमति दी गई है. लेकिन, इसके बाद होने वाली प्रतियोगिताओं को लेकर अब तक फैसला नहीं किया गया है. वहीं, सुप्रीम कोर्ट की ओर से तीरंदाजी संघ के चुनाव खारिज कर दिए जाने के बाद मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंच गया है. इसके चलते इस चुनाव पर फैसला नहीं हो पाया है.