पाकिस्तान ने कहा है कि वह शिमला समझौते की कानूनी समीक्षा करेगा. पीटीआई के मुताबिक वहां के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने यह बात कही है. उनका यह बयान जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव नए स्तर पर पहुंचने के बीच आया है. उधर, संयुक्त राष्ट्र ने भारत और पाकिस्तान दोनों को शिमला समझौता याद करने को कहा है.

भारत और पाकिस्तान के बीच शिमला समझौता 1972 में हुआ था. उस समय इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री थीं जबकि पाकिस्तान की कमान जुल्फ़िक़ार अली भुट्टो संभाल रहे थे. इसमें दोनों देशों के बीच यह सहमति बनी थी कि कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है जिसे दोनों देश आपसी बातचीत से हल करेंगे.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी का कहना है कि भारत के साथ सभी द्विपक्षीय समझौतों की समीक्षा की जाएगी. उनके मुताबिक यह समीक्षा एक विशेष समिति करेगी जिसका गठन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान करेंगे. फिलहाल शाह महमूद कुरैशी चीन के लिए रवाना हो गए हैं जहां वे अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात करेंगे.

भारत ने जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को अप्रभावी बना दिया है. इसके विरोध में पाकिस्तान ने भारतीय राजदूत को निष्कासित करने के साथ अपने राजदूत को भारत से वापस बुला लिया है. उसने भारत के साथ राजनयिक संबधों के स्तर में भी कटौती की है. पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस को हमेशा के लिए बंद करने का ऐलान भी किया है.