राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) पद से इस्तीफा देने वाले भुवनेश्वर कलिता शुक्रवार को भाजपा में शामिल हो गए. वे अनुच्छेद 370 पर मोदी सरकार के फैसले को लेकर पार्टी के रुख से सहमत नहीं थे. इसका हवाला देते हुए ही उन्होंने उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. भुवनेश्वर कलिता का कहना था कि पार्टी आत्महत्या कर रही है और वे इसमें उसके भागीदार नहीं बन सकते.

भुवनेश्वर कलिता का इस्तीफा ऐसे मौके पर आया था जब उन्हें अनुच्छेद 370 को अप्रभावी किए जाने और जम्मू-कश्मीर को दो भागों में बांटने के मुद्दे पर अपनी पार्टी के सदस्यों के लिए व्हिप जारी करना था. अपने इस्तीफे में उनका कहना था, ‘आज कांग्रेस ने मुझे कश्मीर मुद्दे के बारे में व्हिप जारी करने को कहा है, जबकि सच्चाई ये है कि देश का मिजाज पूरी तरह से बदल चुका है और ये व्हिप देश की जन भावना के खिलाफ है.’

उधर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भुवनेश्वर कलिता का भाजपा में स्वागत किया. इस मौके पर उनका कहना था कि भुवनेश्वर कलिता बेदाग छवि वाले ऐसे राजनेता हैं जिन्होंने लंबे अर्से तक असम और उत्तर-पूर्व सहित पूरे देश की राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में योगदान दिया है.