इसी हफ्ते जम्मू-कश्मीर को लेकर किए गए फैसलों को भारत ने अपना आंतरिक मामला बताया है और पाकिस्तान को नसीहत दी है कि उसे यह सच्चाई स्वीकार करनी चाहिए. इसके साथ ही भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करना चाहिए. रवीश कुमार ने यह बात शुक्रवार को पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए कही.

इसके साथ ही भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने उम्मीद जताई कि भारत के साथ राजनयिक और व्यापारिक संबंधों को सीमित करने के फैसले पर पाकिस्तान पुनर्विचार करेगा. वहीं दोनों देशों के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस ट्रेन की सेवाएं निरस्त करने पर उन्होंने इसे पकिस्तान की तरफ से किया गया एकतरफा फैसला बताया. उन्होंने कहा, ‘ऐसा महसूस होता है कि जम्मू-कश्मीर पर की गई भारत की पहल से पाकिस्तान घबरा गया है. उसे लगता है कि जम्मू-कश्मीर में विकास होने पर वह वहां की स्थिति को लेकर लोगों को गुमराह नहीं कर पाएगा.’

इस मौके पर रवीश कुमार से पूछा गया कि क्या जम्मू-कश्मीर को लेकर उठाए कदम के बारे में भारत ने अमेरिका को सूचित किया था. इसके जवाब में उनका कहना था, ‘जम्मू-कश्मीर को लेकर किए फैसले की घोषणा हो जाने के बाद भारत ने विभिन्न देशों के दूतों और उच्चायुक्तों के साथ संपर्क स्थापित किया था.’

उन्होंने आगे कहा, ‘धारा 370 के अधिकांश प्रावधानों को हटाए जाने के संबंध में इसी गुरुवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राष्ट्र को संबोधित किया. तब उन्होंने जम्मू-कश्मीर में धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो जाने की बात कही थी. मैं बताना चाहूंगा कि वहां के अस्पतालों में सामान्य और सुचारू तौर पर काम हो रहा है. शांति की भावना लौट रही है. समाचार पत्रों को बिना किसी बाधा के प्रकाशित किया जा रहा है. फिलहाल वहां जो एहतियाती उपाय किए गए हैं वे अस्थायी हैं.’