‘भारत फिर युद्ध जैसे हालात तैयार कर रहा है.’

— इमरान खान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

इमरान खान ने यह बात पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही. इस मौके पर उन्होंने यह भी कहा, ‘पुलवामा आतंकी हमले के बाद से ही भारत ऐसे हालात बनाने की कोशिश कर रहा है. ऐसा करके वह कश्मीर में चल रहे घटनाक्रम से दुनिया का ध्यान बंटाना चाहता है.’ इसके साथ ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का यह भी कहना था, ‘खतरा वास्तविक है. हमें ऐसी स्थिति पर जवाब देना होगा. हमने इसी तरह से दुनिया में देशों के बीच युद्ध शुरू होते हुए देखा है.’

‘हम शिमला समझौते की कानूनी समीक्षा करेंगे.’

— शाह महमूद कुरैशी, पाकिस्तान के विदेश मंत्री

शाह महमूद कुरैशी ने यह बात भारत सरकार की तरफ से जम्मू-कश्मीर से धारा 370 के अधिकांश प्रावधानों को हटाने और इससे विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने पर कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘यह समीक्षा एक विशेष समिति करेगी जिसका गठन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान करेंगे.’ 1972 में इंदिरा गांधी और जुल्फिकार अली भुट्टो ने शिमला समझौते पर दस्तखत किए थे. तब दोनों देशों ने कश्मीर को द्विपक्षीय मुद्दा मानते हुए बातचीत से इसे हल करने पर सहमति जताई थी.


‘पाकिस्तान सच्चाई को स्वीकार करे और भारत के आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करे.’

— रवीश कुमार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

रवीश कुमार ने यह बात पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘ऐसा लग रहा है कि जम्मू-कश्मीर पर की गई भारत की पहल से पाकिस्तान घबरा गया है. उसे लगता है कि जम्मू-कश्मीर में विकास होने पर वह वहां की स्थिति को लेकर लोगों को गुमराह नहीं कर पाएगा.’ इस मौके पर रवीश कुमार ने यह उम्मीद भी जताई कि भारत के साथ राजनयिक और व्यापारिक संबंधों को सीमित करने के फैसले पर पाकिस्तान पुनर्विचार करेगा.


‘गृह और विधि मंत्रालयों से औपचारिक संदेश मिलने के बाद जम्मू-कश्मीर में चुनाव करवाए जाएंगे.’

— सुनील अरोड़ा, मुख्य चुनाव आयुक्त

सुनील अरोड़ा ने यह बात कोलकाता एयरपोर्ट पर पत्रकारों की तरफ से पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कही. इसके साथ ही एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने फिर से मतपत्र के जरिये मतदान कराने की अपील की है लेकिन हम देश को मतपत्र के युग में वापस नहीं ले जाएंगे.’ इस मौके पर सुनील अरोड़ा ने यह भी कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट भी मतपत्र से चुनाव कराए जाने के खिलाफ कई बार फैसले दे चुका है.’


‘कश्मीर पर हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं आया है.’

— मॉर्गन ओर्टागस, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता

मॉर्गन ओर्टागस ने यह बात पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, ‘अमेरिका कश्मीर को भारत-पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा मानता है. ऐसे में दोनों देशों को ही इस मुद्दे पर बातचीत की गति और गुंजाइश को लेकर फैसला करना है.’ इस मौके पर मॉर्गन ओर्टागस का यह भी कहना था कि अमेरिका इस मसले पर भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत का समर्थन करता है.